जिले में शत्-प्रतिशत हो संस्थागत प्रसव…छूटे हुए हितग्राहियों का शिविर लगाकर बनवाएं आयुष्मान कार्ड…

सूरजपुर.  कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आज जिला कलेक्टर सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति के अधीन संयुक्त रूप से स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग में संचालित किये जा रहे समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक हुई. जिसमे सर्वप्रथम जिला सूरजपुर के प्रोफाईल पर चर्चा की गयी, यह निर्देशित किया गया कि हमें सर्वप्रथम अपनी कमियों को देखना है और उस कमियों को दूर करने का प्रयास करना है। गर्भवती माताएँ जिन्होंने स्वस्थ बच्चे को जन्म दी उन माताओं को आंगनबाड़ी में बुलाकर रोल मॉडल के रूप में उपस्थित माताओं को प्रेरित करें ताकि माताएँ उनसे प्रेरणा लेकर अपने गर्भ में पल रहे बच्चों के बारे में विचार करें। गर्भवती माताओं को जो आयरन फोलिक एसिड, कैल्षियम, विटामीन डी 3, अलबेन्डाजोल, इस तरह की जितनी भी दवाईयों वितरण हो रहा है। उन दवाइयों को खपत हो रहा या नहीं इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए टीकाकरण के लिए मंगलवार और शुक्रवार के दिन आते है, उसी दिन सबको प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। इसके लिए समुदाय को शामिल करें।  हमें जिन क्षेत्रों में कठिनाई हो रही है उसके निराकरण करने के लिये हमें स्वयं बात करने की आवश्यता है तभी उन कठिनाईयों से निजात पा कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। संस्थागत प्रसव हमारे जिले के स्वास्थ्य संस्थाओं में क्यों नहीं हो पा रही है इसको एनालिसिस करे और इसको कैसे बढ़ाया जाये इस पर कार्य करें। ऐसे गर्भवती माताएँ जो कमजोर है उनको सूची बनाकर उन पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है। चिरायु में आंगनबाड़ी बच्चों की स्क्रिनिंग को बढ़ाने हेतु निर्देशित किया गया। हाट बाजारों में मरीजों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है कम से कम प्रति हाट बाजारों में 100 मरीज देखा जाना सुनिश्चित करें। टीकाकरण की उपलब्धि कम होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. सिंह ने बताया कि टीकाकरण एवं गर्भवती माताओं की टीकाकरण की उपलब्धि हेतु इसे हेड काउंट पर ध्यान देने की आवश्यकता है। हम हेड काउंट के आधार पर ही अपने शत् प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। कलेक्टर ने सभी ग्रामों में छूटे हुए हितग्राहियों का शत प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाये जाने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। उन्होंने प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को सेक्टर की बैठक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में करने के निर्देष दिये। समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, समस्त जिला नोडल अधिकारी, समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी, समस्त परियोजना अधिकारी, समस्त खण्ड कार्यक्रम प्रबंधक, समस्त सेक्टर चिकित्सा प्रभारी, समस्त सुपरवाईजर एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।