प्राचीन वेद षिक्षा और आधुनिक षिक्षा मिलेगी एक ही परिसर में

प्रवेष गोयल
सूरजपुर- जिले के ग्राम सिरसी में अंचल का पहला वेद विद्यालय एवं इंटर नेषनल प्ले स्कूल का शुभारंभ किया गया। जिसमें आधुनिक एवं प्राचीन वैदिक षिक्षा का संयुक्त समावेष होगा और कोषिष होगी कि यह विद्यालय पूरी तरह से बस्तामुक्त हो और यहां से षिक्षा प्राप्त करने वाला हर बच्चा नैतिक षिक्षा से परिपूर्ण होगा।
गौरतलब है कि वेद षिक्षा पर आधारित मुनि इंटर नेषनल स्कूल जिले ही नहीं अपितु पूरे संभाग का संभवतः पहला विद्यालय है, जहां बच्चों को बस्ते की बोझ से मुक्त रखा जायेगा। वेद षिक्षा के साथ- साथ नन्हे बच्चों को अत्याधुनिक षिक्षा प्रणाली के तहत खेल- खेल में हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत पर आधारित षिक्षा प्रदान की जायेगी। इस विद्यालय में अध्ययन करने वाले बच्चों को कोचिंग और ट्यूषन से दूर रखा जायेगा। संस्था के डायरेक्टर अषोक ठाकुर ने बताया कि 2002 में मुनि इंटर नेषनल स्कूल की शुरूआत हुई षिक्षा के व्यवसायीकरण के विषय में अषोक कुमार ने कहा कि मुनी इंटर नेषनल इस विषय को पूर्णतः खत्म करते हुए स्कूल को पूर्णतः फ्री कर देंगे। मगर सकार कहती है कि षिक्षकों को तनख्वाह कहा से दोगे अगर इस दिषा में बच्चों को दो घंटे श्रम करे फिर एक स्कूल पांच गावों को गोद ले। स्कूल में श्रम होना चाहिए शहर के मॉ- बाप जो सामान बाहर खरीदते है वे स्कूल के बच्चों स ेले और स्कूल में श्रम करने वाले बच्चे श्रमिक नहीं मालिक बने, शरीर की पूंजी श्रम है।
संस्था को मिला है 85 देषों में चेंजमेकर अवार्ड
जापान का एकमात्र स्कूल है मुनी इंटर नेषनल स्कूल विष्व के लगभग 85 देषों में मुनी इंटर नेषनल को एकमात्र चेंजमेकर अवार्ड भी मिला है। अषोक कुमार ने बताया कि वे स्वास्थ्य और षिक्षा को आने वाले समय में पूर्ण रूप से कैषलेष देखना चाहते है। क्यूंकि कोई भी गरीब धन से नहीं मन से नहीं और बताया कि यूकेजी से एल केजी तक पढ़ाई करने के बाद पहली से 12वीं तक और 12 वीं के तीन वर्ष ग्रेजयूजन के बाद दो वर्ष मास्टर डीग्री इस पूरे 20 साल षिक्षा विधि के दौरान षिक्षा हालिस करने के बाद बच्चा कुछ नहीं कर पाता है। और गौतम बुद्ध 6 सालों में ही महात्मा गौतम बुद्ध बन जाता है और 20 साल पढ़ने वाला बच्चा केवल बुद्धु बनता है। हम बच्चों को बुद्धु नहीं बल्कि महात्मा बुद्ध बनाने के दिषा में काम करेंगे। आरटी को प्राथमिता देंगे, षिक्षा को धन पषु नहीं बनायेंगे। इस दौरान अषोक ठाकुर, कैलाष नाथ तिवारी, जीत राम राजवाडे़, र्तिलोकी नाथ शुक्ला, षिव कुमार मिश्रा, नरेष राजवाडे़, कौषल राजवाडे़, पारसनाथ राजवाडे़, मनीचंद राजवाड़े समेत बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।