किसानों के उपयोग मे नहीं आ रहा करोड़ो की लागत से बना बिछली झरिया बांध

अजय तिवारी
बैकुण्ठपुर-कोरिया जिले के जनकपुर भरतपुर विकाशखंड के के ग्राम मेंहदौली मे लगभग छः करोड़ रुपये की लागत से बनें डेम में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मनमानी के चलते करोड़ों की लागत से बनाया गया बांध किसानों के उपयोग में नहीं आ रहा है। बांध की भी हालत जर्जर हो गई है। जर्जर होनें का कारण करोड़ों की राशि को व्यर्थ खर्च करना है। इस जर्जर बांध को सुधारने की दिशा में कोई पहल नहीं किया जा रहा है। रखरखाव सहित प्राप्त राशि का भरपुर दुरुपयोग करने के अभाव में बांध में जल का संग्रहण नहीं हो पा रहा है। जल संसाधन विभाग ने पिछले पांच से छः सालों से बांध के पानी लिकेज की समस्या को अब तक नहीं सुधारा गया है इस संबंध मे अखबार मे समाचार प्रकाशन के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की गहरी निंद से जागा और तुरन्त सौकड़ों बांधो के बिगडे गेटों की मरंमत का कार्य किया जानें लगा। समस्त जलासयों के बिगडे जलाशय में लीकेज होने की वजह से बरसाती पानी धीरे-धीरे नहर के रास्ते बह जा रहा है। नहर की भी हालत खराब होने से पानी किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। बरसात के पानी का स्टोरेज नहीं होने से किसान पिछले 4 साल से किसान रबी की फसल नहीं लगा पा रहे है। किसानों ने बताया कि पिछले छः वर्ष पुर्व छः करोड़ रुपए की लागत से मंहदौली ग्राम मे बनाया गया बिछली झरिया बांध को बनाया गया लेकिन लीकेज में कोई सुधार नहीं किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष छः वर्षों पहले मिले छः करोड रूपये कम पड गए जिसके तरंत बाद 2012 मे ही नहर के नाम से 1.50 करोड़ रुपये की स्विकृति कराई गई वह राशि का भी जमकर दुरुपयोग किया गया। अब पुन बिछली झरिया बांध के मरम्मत हेतु लाखों रुपये डिएमएफ मद से स्विकृत कराया गया है जिस राशि से डेम का कार्य कराया जा रहा है। माडीसरई मेंहदौली के रहवाशियों नें बताया की बिछली झरिया व्यापवर्तन योजना मे बांध का अलग व नहर का अलग ठेका दिया गया था। उक्त दोनों ठेकेदारों के द्वारा अधुरा कार्य किया गया है जिसके बाद भी चहेते ठेठेदारों को पेमेंट कर दिया गया है। नहर बनानें वाली कंट्रक्सन द्वारा नहर निर्मण के नाम पर गढढा तक नहीं खोदा गया जिसके बाद भी ठेकेदार को 20%थ राशि का भुगतान किया गया है। विभाग द्वारा अधुरे कार्य को करनें हेतु उक्त कंट्रक्सन को सैकडो़ चिट्ठियां दी गई है जिसके बाद भी ठेकेदार कार्यालय मे चपस्थित नहीं हुआ ना ही जल संसाधन विगाग ने ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करनें की कोशिस की।
ठेकेदार को नहीं बुला सके कलेक्टर कोरिया
जल संसाधन द्वारा करोड़ों रुपयों की लगात से बन रहे बांध को पुर्ण करनें विभाग नें सैकडों लिखित आवेदन देकर ठेकेदार को बुलाया गया किन्तु ठेकेदार कार्यालय मे उपस्थित तक होना गवारा नहीं समझा अंततः कलेक्टर कोरिया नें फोन के माध्यम से बिछली झरिया डेम निर्माण करता को बुलानें की कोशिस की लेकिन वह भी असफल रहें। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है के शासन व प्रशासन ने मिलकर भ्रष्टाचार को कितना बढावा दिए हुए है।
विकाश कार्य को ठेंगा दिखाते ठेकेदार
कोरिया जिले के जल संसाधन विभाग भ्रष्टाचार के मामले मे राजस्व विभाग को भी पिछे छोड दिया है जिसका जीता जागता उदाहरण जनकपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम मेंहदौली मे देखा जा सकता है। जहां कमिशन के कारण शर्तों के अनुसार 9 माह मे पुर्ण होनें वाले कार्य को आज छः वर्ष हो चुके है किन्तु आज तक वह कार्य पुरा नही हो सका है। जो भ्रष्टाचार को दर्शाता है।