फिर आबकारी दल ने दिखाई दहषतगर्दी, कलेक्टोरेट की महिला भृत्य से की धक्का मुक्की

प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिला मुख्यालय सूरजपुर में एक बार फिर आबकारी विभाग के कर्मचारियों की दहषतगर्दी प्रकाष में आई है। किराये के मकान में निवासरत आदिवासी महिला कर्मचारी ने आबकारी दल पर देर रात घर में घुसकर गाली गलौज, धक्का, मुक्की और जातिगत गाली देकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए इसकी षिकायत कोतवाली पुलिस और अजाक थाना में दर्ज कराई गई है।
गौरतलब है कि नगर के बड़कापारा मोहल्ला निवासी सूर्यभान साहू के घर देर रात करीब 8 बजे आबकारी विभाग के 5-6 कर्मचारी छापे की कार्रवाई करने आये थे, उसके यहां छापे में कुछ नही मिला तो आबकारी विभाग के कर्मचारी सूरजपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत आदिवासी महिला कर्मचारी के किराये के घर में जबरन घुस गये, देर रात बलात ढंग से अकेली महिला के घर में घुसने का जब भृत्य फूलेष्वरी सिंह ने विरोध किया तो आबकारी कर्मचारियों ने उसे धक्का देकर गिरा दिया और गाली गलौज करते हुए दुर्व्यवहार किया।
महिला की षिकायत पर नहीं मिली पावती
आबकारी विभाग के कर्मचारियों की गुण्डागर्दी की षिकार आदिवासी महिला कर्मचारी फूलेष्वरी सिंह ने इस घटना की षिकायत सूरजपुर कोतवाली थाना और अजाक थाना में लिखित आवेदन के माध्यम से की, जहां उसे अजाक थाना से तो षिकायत पत्र की पावती दे दी गई, लेकिन कोतवाली थाना में पावती नहीं मिली। पीड़िता ने जब रो-रोकर अपनी आप बीती देवलोक को बताई। वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग के कर्मचारियों को जब उनकों गलती हो जाने का आभास हुआ तो उन्होंने बचाव की दृष्टि से थाना में महिला कर्मचारी के विरूद्ध झूठी षिकायत कर दी कि वह शासकीय कार्य में बाधा डाल रही थी।
देर रात दबिष क्यों…….
महिला कर्मचारी ने आबकारी विभाग के कर्मचारियों के मंसूबे और बर्ताव का जिक्र करते हुए उनपर सीधे’-सीधे उत्पीड़न और शोषण का आरोप लगया है। वरना ऐसी कौन सी आफत आ गई थी कि देर रात 8 बजे किसी अकेली महिला का दरवाजा खुलवाकर छापे की जरूरत पड़े। महिला ने कहा कि वह इज्जत के साथ भृत्य की नौकरी करके अपनी आजीविका चला रही है। इस घटना से मानसिक, शारीरिक और सामाजिक आघात पहुंचा है।
क्या कहती है पुलिस
इस पूरे मामले की जांच कर रहे सहायक उपनिरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि षिकायत दोनों पक्ष से प्राप्त हुई है, षिकायत की जांच की जा रही है, पावती के संबंध में कहा कि ऐसे मामलों में सीधे एफआईआर करने का नियम है, चूंकि दोनों ओर से षिकायत मिली है इसलिए पावती देने से पूर्व प्रकरण की जांच आवष्यक है। उन्होंने दोनों पक्ष का बयान लेने के बाद कार्रवाई की बात कही।