सिलसिलेवार 50 हजार मौतों को रोक सकता है आपके घर का मासूम बच्चा भी

प्रवेश गोयल
सूरजपुर- महज 9 माह का बच्चा चाहे तो भारत में हो रही सिलसिलेवार 50 हजार मौतों को रोक सकता है। समुचा विष्व जब मिजल्स और रूबेला जैसी खतरनाक बिमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए अभियान चलाया हुआ है तो भारत में भी इस खतरनाक बिमारी का सफाया करना आवष्यक हो गया है और सफाया का कार्य सामान्य से सामान्य बच्चा भी कर सकता है। मिजल्स और रूबेला अभियान में आगामी 6 अगस्त से 1 नवम्बर तक विषेष अभियान चलाकर जिले के 9 माह से 15 वर्ष तक के ढ़ाई लाख से भी अधिक बच्चों को एमआर टीका लगाया जायेगा।
इस संबंध में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ आरएस सिंह ने मीडिया सेंसिटाईजेषन वर्कषाप के माध्यम से बताया कि विष्व में भारत ही एक ऐसा देष है जहां अभी तक एमआर का टीका नहीं लगाया गया है, जबकि मिजल्स और रूबेला जैसी बिमारी से प्रति वर्ष 49,200 मौतें होती है। इन मौतों को रोकने के लिए भारत के सभी राज्यों में अभियान चलाकर टीकाकरण किया जा रहा है। जिसके तहत सूरजपुर जिले के 2,50,528 बच्चों को मिजल्स और रूबेला बिमारी से सुरक्षित करने 1600 कर्मचारियों की टीम बनाई गई है, जो प्रथम चरण में शासकीय और अषासकीय स्कूलों में अध्ययनरत 15 वर्ष तक के बच्चों को टीकाकरण करेंगे, वहीं दूसरे चरण में समस्त आंगनबाडी केन्द्रों में और क्रमषः ईट भट्ठे, मलीन बस्ती, इमारतों में काम करने वाली इकाईयों के अलावा जोखिम भरे क्षेत्रों में निवासरत बच्चों को टीका लगाया जायेगा। अंतिम चरण में जिले के समस्त उप स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन एमआर टीका लगाया जायेगा। महाराष्ट्र से इस अभियान के लिए पहुंचे सर्विलेंष मेडिकल ऑिॅफसर डॉ किषोर चौहान ने बताया कि सूरजपुर जिले में शत प्रतिषत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए स्कूलों के माध्यम से 1686 सत्र समेत 1343 आंगनबाड़ी सत्र के अलावा 4309 टीकाकरण सत्र के माध्यम से 27,812 वैंक्सिन वायलो का टीका लगाया जायेगा। जिसकी निगरानी 1437 सुपरवाईजर करेंगे।
जिले के सिलफिली सेक्टर में मिले मिजल्स के मरीज
कार्यषाला के दौरान डॉ आरएस सिंह ने बताया कि जिले में वैसे तो अभी तक रूबेला के एक भी मरीज सामने नहीं आये है, लेकिन कुछ दिन पूर्व सिलफिली सेक्टर में मिजल्स के 5 मरीजों की पहचान कर उनका इलाज किया गया है, यह बिमारी काफी घातक है और संक्रमक होने के कारण इसका प्रकोप बहुत तेजी से फैलता है, उन्होंने बिमारी के लक्ष्णों की जानकारी देते हुए इससे मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ- साथ एमआर टीकाकरण अभियान आवष्यक है। उन्होंने सभी वर्ग समुदाय के अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों से अभियान की सफलता में सहयोग की अपील की है।
अफवाहों से बचें, नहीं है कोई साईड इफेक्ट
मिजल्स रूबेला टीकाकरण से किसी भी प्रकार का कोई खतरा बच्चों को नहीं है, इस टीकाकरण से बच्चे के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है और खसरा और रूबेला जैसी बिमारी से जीवन भर के लिए मुक्ति मिल जाती है, डॉ आरएस सिंह ने जनसामान्य से अपील करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व टीकाकरण को लेकर अफवाहे फैलाने में लग गये है, उनकी बातों में न आये और मिजल्स और रूबेला टीका से कोई साईड इफेक्ट नहीं है, बल्कि यह टीका एक सुरक्षा कवच है और बच्चे को किसी तरह के कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है।