छः माह में ही गड्ढों में तब्दील हो गई 40 लाख की सड़क

आशिक खान
सूरजपुर/रामानुजनगर- ग्राम पंचायत मोहरपुर, सुरता सरहद से बोईर गड्ढा मार्ग निर्माण की स्वीकृति गत वर्ष होने के बाद वन विभाग द्वारा घटिया सड़क निर्माण कराने का आरोप लगा ग्रामीणों ने शासकीय राषि के दुरूपयोग के इस मामले की जांच की मांग की है, लगभग तीन किसी की बनाई गई इस सड़क में बारिष के इस मौसम में यह स्थिति है कि इस मार्ग में पैदल चलना भी दुष्कर भरा काम है। ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग के निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2017 में मिली थी, जिसमें नियमानुसार सड़क को डब्ल्यूबीएम कर मुरूम डालने का काम करना था, लेकिन निर्माण एजेंसी वन विभाग द्वारा सड़क मार्ग के दोनों साईड सिफ्र मिट्टी डालकर सड़क बना दिया गया और मिट्टी फिलिंग के बाद बगैर रोलर चलाये घटिया मुरूम डालकर सड़क निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया, लोगों का कहना है ि कइस मार्ग में पुलिया निर्माण भी आष्चर्य का विषय है, क्योंकि उतना बड़ा नाला ही नहीं है जितना बड़ा की पुल बना दिया गया है, ग्रामीणों के अनुसार पुल निर्माण में भी अनावष्यक 40 लाख रूपये का खर्च हुआ है, जबकि यह पुल निर्माण पांच से सात लाख रूपये में ही हो गया होता, सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान न दिये जाने की वजह से पहली बारिष में ही सड़क निर्माणा का पोल खुल गई। छह माह पूर्व निर्मित सड़क का मुरूम पूरी तरह गायब हो चुका है और मार्ग में बड्ढे अथवा बोल्डर ही नजर आ रहे हैं, सड़क में बने गड्ढों में बारिष का पानी भर जाने से दोपहिया वाहन चालक और सायकल सवार दुर्घटनाग्रस्त भी हो रही है, ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में हुई गड़बड़ी के मामले की जांच करा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है।