पहले डंडे से मारा फिर साथियों ने स्कूल के पास ले जाकर रख दी लाश

प्रवेश गोयल
सूरजपुर- गत 14 जुलाई को सूचक ग्राम कनकनगर निवासी हंसराज पिता सरतीराम सिंह के पुत्र 35 वर्षीय धनुषधारी सिंह का शव कनकनगर स्कूल में पड़ा पाया गया था, जिसके सिर के पीछे घातक चोट लगी हुई थी, पुलिस अधीक्षक जीएस जायसवाल ने तत्काल अपराध पंजीबद्व कर प्रभारी एसडीओपी प्रतापपुर व सीएसपी डीके सिंह के नेतृत्व में जांच हेतु पुलिस टीम गठित की और मामले की गंभीरता को देखते हुये प्रभारी एसडीओपी सहित पुलिस टीम को मौके पर ही कैम्प लगाकर जांच कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
पुलिस अधीक्षक जीएस जायसवाल के निर्देशन में सीएसपी डीके सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल घटना स्थल पहुंचकर कैम्प लगाकर विधिवत् तरीके से शव का पंचनामा कर शव को पी.एम. हेतु भेजा। पुलिस टीम की पूछताछ में मृतक के पिता हंसराज ने बताया कि घटना रात्रि 14 जुलाई को अपने मृत पुत्र धनुषधारी को ग्रामीण फुलसाय के घर खाना-पीना बताया जहां अन्य व्यक्ति मोहन उर्फ नान्हे, डूडचू उर्फ बंशरूप, सुनील विश्वकर्मा एवं छत्तर सिंह को भी साथ में मौजूद होना बताया तथा इन्हीं पर संदेह व्यक्त किया, इस आधार पर पुलिस टीम के द्वारा मोहन उर्फ नान्हे, डुडचु उर्फ वंशरूप, सुनील विश्वकर्मा व छत्तर सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया। सुनील विश्वकर्मा व छत्तर को खाने-पीने के बाद घर चले जाना बताया और अंत में धनुषधारी, मोहन और डुडचु को ही साथ में होना बताया।
पुलिस टीम के द्वारा मोहन और डुडचु से हिकमत अमली से पूछताछ करने पर बताये कि तीनों शराब पीये थे तथा सुनील के घर तरफ रास्ते में आ रहे थे। इसी दौरान धनुषधारी और वंशरूप उर्फ डुडचु और मोहन में पूर्व में मिस्त्री काम के पैसा बंटवारा के नाम पर वाद-विवाद हो गया और पास रखे लकड़ी से डुडचू ने सिर पर धनुषधारी को मार दिया, जिसे मोहन ने भी मारा। दोनों ने लकड़ी को छिपाकर शव को छिपाने के नियत से कनकनगर स्कूल के पास रख दिये। आरोपी मोहन उर्फ नान्हे पिता फुलसाय उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम कनकनगर तथा डुडचु उर्फ वंशरूप पिता महिपलाल उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम मदनगर थाना प्रतापपुर के पृथक-पृथक मेमोरण्डम के आधार पर आलाजरब जप्त किया गया एवं आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्यवाही में प्रतापपुर थाना प्रभारी ओपी कुजूर, चंदौरा थाना प्रभारी सीपी तिवारी, आरके कश्यप, केश्वर मरावी, अशोक कनौजिया, अभय तिवारी, परमेश्वर ओट्टी, प्रमोद सिंह, इन्द्रजीत एवं भोला राजवाड़े सक्रिय रहे।