एम्बुलेंश नहीं मिली हो गई देर, सर्पदंश पीड़ित नाबालिक ने तोड़ा दम

प्रवेश गोयल

सूरजपुर –  जिले के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रेमनगर में 108 एम्बुलैंस न होने के कारण सर्प दंस से एक 14 वर्षीय नाबालिक लड़की की जान चली गई। और ना जाने कितने लोगों की जान प्रतिदिन जा रही होंगी। जिसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग एम्बुलेंस की वेवस्था करते दिख नही रहा हैं।

गौरतलब है कि प्रेमनगर जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत टाकर ( पर्वतपुर) निवासी मृतक साफियानो 14 वर्षीय, पिता बिफलराम, जाति बिंझवार, अपने घर पर खटिया में सो रही थी कि देर रात को बिस्तर में डंडा करैत सांप चढ़ गया और मृतक को काट लिया, शुबह 4 बजे आस – पास घर वालो ने मृतक साफियानो का तबियत बिगड़ते देखा और आपातकालीन 108 में कॉल कर मदद चाही पर प्रेमनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 108 एम्बुलेंस ना होने के कारण 30 किलोमीटर दूर रामानुजनगर हॉस्पिटल से आधे घण्टे में भेजने की बात कही थी। पर घर वालों के पास निजी सुविधा ना होने के कारण मृतक के परिजनों ने बाइक से 6 बजे के आस पास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रेमनगर में लाया गया जहाँ प्राथमिक उपचार होते वक्त मृतिका ने दम तोड़ दी। चिकित्सक ने बताया की मरीज को लाने में देर कर दी जिसके कारण उसे नही बचाया जा सका ।  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रेमनगर में 37 ग्राम पंचायत हॆं ऒर सेकड़ों की संख्या में ग्रामीण इलाज कराने आते हैं, दुरस्थ क्षेत्र के उराक, ठोर ठिहाई, रिझना बहरा, गिट्टी भट्टा, हरियरपुर आदि पंचायतों के बीमार लोग इलाज करवाने के लिए इसी स्वास्थ्य केंद्र में आते हैं। ऐसे में यदि उक्त पंचायतों में कोई व्यक्ति अधिक बीमार हो जाता है या कोई दुर्घटना हो जाती है तो 30 किलोमीटर दूर रामानुजनगर से 108 एम्बुलैंस मंगवानी पड़ती है और यदि वह एम्बुलैंस किसी दूसरे स्थान पर चली गई हो तो लोगों को मजबूरन बीमार व्यक्तिको निजी वाहन करके स्वास्थ्य केंद्र लाना पड़ता हैं। 
बीते 3 महीने से अस्पताल में आपातकाल एम्बुलेंस 108 नही हैं। जिसको लेकर जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य अधिकारी किसी तरह से कोई ठोस कार्यवाही करते नही दिख रहे है जिसका खामियाजा वनांचल क्षेत्रों, पक्की सड़क से दूर जंगलों के बीच रह रहे ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ना जाने कितने मासूम लोगों के जीवन लीला समाप्त होने के इंतजार में बैठे हैं।