आधी रात को घर में घुसा बेकाबू ट्रक, दीवार के नीचे दब गए पति-पत्नी व 2 मासूम

प्रवेश गोयल

अंबिकापुर- बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कटई पतरा में गुरुवार की देर रात 3 बजे बॉक्साइट लोड करने जा रहा ट्रक सड़क किनारे स्थित मकान में जा घुसा। हादसे में मकान की दीवार गिरने से पति-पत्नी व उनके 2 मासूम बच्चे दब गए। समय रहते पति ने दोनों बच्चों के ऊपर गिर रही दीवार को थाम लिया, अन्यथा एक बड़ी घटना हो सकती थी। रात में ही पड़ोसियों की मदद से चारों को मलबे से बाहर निकाला गया। सभी को कुसमी स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया गया। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी थाना क्षेत्र के जमीरापाठ पंचायत के आश्रित ग्राम कटई पतरा निवासी 52 वर्षीय चइता नगेशिया व उसका 28 वर्षीय पुत्र बुधेश्वर नगेशिया राजमिस्त्री का काम करते हैं। उनका ईंट का कच्चा मकान कटई पतरा के सामरी-कुसमी मुख्य मार्ग पर स्थित है। बुधवार की रात को घर के सभी सदस्य खाना खाकर सो रहे थे। इसी दौरान रात के करीब 3 बजे कुसमी से सामरी की ओर बॉक्साइट लोड करने जा रहे ट्रक क्रमांक सीजी 15 सीएक्स-3624 का चालक वाहन को काफी तेज रफ्तार से चला रहा था। इससे ट्रक मोड पर अनियंत्रित होकर बेकाबू हो गई और चइता नगेशिया के घर में घुस गया। इससे घर के अंदर जमीन पर सो रहे चइता का 28 वर्षीय पुत्र बुधेश्वर नगेशिया उसकी पत्नी सुगन्ति नगेशिया, 5 वर्षीय बेटी स्वाति व डेढ़ वर्षीय पुत्र अनुप्रकाश दीवार के नीचे दब गए। तेज आवाज सुनकर बेटे बुधेश्वर की नींद खुली और दीवार को गिरते हुए देखा तो अपनी बेटी स्वाति की जान बचाने के लिए उसके ऊपर आकर दीवार को थामने का प्रयास किया। इससे उसकी बेटी को मामूली चोट आई। लेकिन वह खुद घायल हो गया। उसकी पत्नी दीवार के नीचे गले तक दब गई थी। जबकी उसका डेढ़ वर्षीय बालक व 5 वर्षीया स्वाति पूरा दब जाते लेकिन बुधेश्वर ने समय रहते उन्हें बचा लिया।

ग्रामीणों ने सभी घायलों को निकाला बाहर
घटना के बाद चइता नगेशिया बाहर आया और आस-पास के लोगों को मदद के लिए बुलाया, तब कहीं जाकर परिवार के सभी सदस्यों को किसी प्रकार से बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वहां तत्काल स्पीड ब्रेकर लगाने व मुआवजे की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार रामराज सिंह ने पीडि़त परिवार को मुआवजा देने के लिए प्रकरण बनाकर भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।