कांग्रेस की सरकार बनी तो 36गढ़ में जिलों की संख्या भी हो जायेगी 36

प्रवेश गोयल
सूरजपुर- प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा तैयार किए जा रहे जन घोषणा पत्र के लिए मसौदा जुटाने सूरजपुर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने स्थानीय सेवाकुंज में पत्रकारों से मुलाकात की और पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो छत्तीसगढ़ में 36 जिले होंगे, पेंड्रा, सारंगढ़, प्रतापपुर समेत अन्य स्थानों से उठ रही जिला बनाने की मांग को ध्यान में रखते हुए कहा कि नए जिले और नए ब्लॉक के गठन को घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह घोषणा पत्र कांग्रेस का नहीं बल्कि आम जनता का घोषणा पत्र होगा, क्योंकि घोषणा पत्र को तैयार करने से पूर्व हम आम जनता से रायशुमारी कर रहे हैं और उनके सुझावों को ही घोषणा पत्र में शामिल करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज, कन्या महाविद्यालय, सेंट्रल स्कूल हो और सभी जिलों में स्वास्थ्य शिक्षा और पेयजल, विद्युत की व्यवस्था का विषय घोषणा पत्र में शामिल होगा।
सभी 27 जिलों में जाकर लेंगे जनता से सुझाव
नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने बताया कि अब तक वह सूरजपुर समेत 9 जिलों में पहुंचे हैं और इन जिलों में जनता से मिलकर जन घोषणा पत्र के लिए सुझाव मांगे हैं जनता के द्वारा खुले मन से सुझाव दिया जा रहा है और कांग्रेस प्रयास करेगी कि जनता से मिले सुझावों को घोषणा पत्र में शामिल किया जाए। 27 जिलों में हम सभी वर्ग समुदाय के लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और कोशिश है कि सभी वर्ग समुदाय के साथ-साथ गरीब और किसानों से भी मुलाकात कर रहे हैं उनसे भी सुझाव मांग कर उनके सुझावों को घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर होगा विशेष ध्यान
श्री सिंहदेव ने पत्रकारों को बताया कि केवल सूरजपुर जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा का स्तर काफी खराब है, अस्पताल तो खोल दिया गया है, लेकिन चिकित्सक नहीं हैं, चिकित्सक हैं तो संसाधन नहीं है ग्रामीण क्षेत्रों में तो स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ दे रही हैं जब तक राज्य स्तर पर किस्तों में व्यवस्था बनाने की बातें होंगी तब तक कोई भी व्यवस्था सुधर ही नहीं सकती व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक है कि प्रदेश के सभी 27 जिलों और 146 जनपद पंचायत क्षेत्र के लिए कार्य योजना बने और एक साथ पूरे प्रदेश में उनके लिए बजट देखकर योजनाओं को लागू किया जाए। इसी तरह शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए भी कोशिश करनी होगी जहां उच्च शिक्षा की जरूरत है वहां उच्च शिक्षा के लिए संसाधन देने होंगे शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने होंगे स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क नदी नालों पर पुल और शिक्षकों व कर्मचारियों को रहने के लिए आवास के साथ-साथ अन्य जरूरी सुविधाएं भी देनी होगी।
सूरजपुर में मिले कई महत्वपूर्ण सुझाव
सूरजपुर में मिले सुझाव की चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने बताया कि सूरजपुर की स्कूली छात्राओं ने कन्या महाविद्यालय की मांग की है सूरजपुर जिला चिकित्सालय परिसर में आवासीय क्वार्टर की मांग सामने आई है नगरी क्षेत्र में मनरेगा की तर्ज पर रोजगार गारंटी की बात भी सामने आई है बिहारपुर जैसे दुर्गम क्षेत्र में विकास की इबारत लिखने के लिए उसे विकासखंड मुख्यालय बनाने की बात आई है प्रतापपुर को जिला बनाने की बात भी लोगों ने अपने सुझाव में दिया है सूरजपुर में कृषि महाविद्यालय सेंट्रल स्कूल के अलावा कई ऐसे महत्वपूर्ण हैं जिसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है.
नेता नहीं अधिकारी चला रहे हैं सरकार
क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और जरूरतों पर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार को डॉक्टर रमन सिंह नहीं बल्कि अधिकारी चला रहे हैं अच्छे सुझाव पर भी नेता गण अधिकारियों के मुंह ताक रहे हैं चिकित्सा सुविधा सुधारने के लिए चिकित्सालय परिसर में आवासीय परिसर की स्थापना का सुझाव दिया गया लेकिन उसके लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया इसी प्रकार विभिन्न व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए दिए गए सुझाव और उठाए गए विधानसभा प्रश्न के जवाब में अधिकारीगण गोल-मोल उत्तर तैयार कर नेताओं को देते रहे हैं। जिसे देख कर स्पष्ट कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ की सरकार को कोई नेता नहीं बल्कि अधिकारी चला रहे हैं।