एक ऐसा विद्यालय जहां बरसात में भीगते हुए छात्राओं को झाड़ियों की ओट में जाना पड़ता है शौच के लिए

प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जब पूरे भारत वर्ष में खुले में शौच की परम्परा पर रोक लगाने अभियान चलाया गया हो और ऐसे में तहसील मुख्यालय ओड़गी के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं को शौच के लिए झाड़ियों का सहारा लेना पड़ता हो तो यह दृश्य देखकर जिले में स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के कागजी आंकड़ो का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
गौरतलब है कि तहसील मुख्यालय ओड़गी स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 358 छात्राएं अध्ययनरत है और इन 358 छात्राओं के लिए महज 4 शौचालयों की एक यूनिट ही बनाई गई है, जो नाकाफी होने से छात्राओं को लघुशंका और शौच के लिए विद्यालय परिसर से बाहर झाड़ियों की ओट का सहारा लेना पड़ रहा है। जो न तो व्यवस्था की दृष्टि से उचित है और न ही छात्राओं की सुरक्षा दृष्टि से ही उपयुक्त है।
10 शौचालयों का सेटअप जरूरी
जनपद पंचायत ओड़गी के जनपद सदस्य राजेष तिवारी ने छात्राओं की इस समस्या की ओर ध्यानकर्षित कराते हुए बताया कि खुले में शौच के लिए मजबूर छात्राओं को तो अक्सर मनचलों की शरारतों का शिकार होना तो पड़ता ही है, साथ ही बरसात के दिनों में स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से भी घातक है। उन्होंने विद्यालय परिसर में 10 नग नये शौचालय के निर्माण की मांग उच्चाधिकारियों से की है।