गुणवत्ता का यह कैसा दावा…. बनने के साथ ही उधड़ने लगी जनकपुर – कोटडोल मार्ग की सड़क

शमरोज खान
कोरिया/जनकपुर- कोरिया- जनकपुर से कोटडोल मार्ग का निर्माण छत्तीसगढ़ शासन की एक महत्वपूर्ण योजना थी जिसका निर्माण हो जाने से कोटडोल जाने में आसानी हो सके पर ठेकेदार और तत्कालीन एसडीओ पटेल चूक द्वारा अपने लाभ के चलते इतनी घटिया निर्माण कराया गया कि इसकी कलई अब खुलती नजर आ रही है। घघरा के आस पास की सड़कें महज 3 से 4 सालो में डैमेज हो चुकी है जिसकी लीपा पोती में एसडीओ लगे हुए है, कारण की 3 साल की अवधि ठेकेदार की खत्म हो चुकी है, पैमाना ये है कि पुराने सड़क पर ही डामरीकरण कर दिया गया था जिसका वीडियो फुटेक हमारे पास अब भी सुरच्छित है।

दावा ये भी किया जा रहा था कि यह सड़क अपनी मजबूती के लिए पहचाना जाएगा परन्तु ठेकेदार, इंजीनियर, तत्कालीन एसडीओ की लालच की बलि यह सड़क चढ़ चुका है। यहाँ हम आपको बता दे कि उक्त सड़क मनेंद्रगढ़ के एक ठेकेदार द्वारा ही बनवाया गया था अभी पीडब्ल्यू डी के द्वारा जो रिपेयरिंग कार्य कराया जा रहा है उसमें लगे लेबरों से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि पुराने सड़क को उखाड़ा नही गया था उसी पर फिर से निर्माण करा दिया गया था। करोड़ो की लागत से बना यह सड़क आने वाले समय मे अपनी और दुर्गति के लिए जाना जाएगा। इस सड़क का निर्माण तय मानकों के अनुसार नही किया गया है। नियमानुसार इस मामले में एसडीओ और सब इंजीनियर के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। शासन को ठेंगा दिखाकर किया गया यह कृत्य और देश की जनता के पैसों का बंदरबांट कर बनाये गए इस प्रकार के समस्त सड़को का उच्चस्तरीय जांच अति आवश्यक है। दाल में नमक डालकर सब खाते है पर नमक में दाल डालकर खाना पीडब्लूडी की पहचान बन चुकी है। पूरी सड़क पर ऊंचे-नीचे लेवल है, जहां जगह-जगह जलजमाव भी हो रहा है।

सुधार करवाएंगे
जहां भी गड़बड़ियां हैं, वहां सुधार करवाया जाएगा। सड़क परफारमेंस गारंटी के तहत है या नही उसे भी देखा जाएगा। ठेकेदार कंपनी को सुधार करना होगा। अगर घटिया निर्माण हुआ है तो इसकी जांच भी करवाई जाएगी। क्योकि ये मेरे कार्यकाल का नही है। फिर भी इसकी जांच की जाएगी।
उपयंत्री लोनिवि, मनेन्द्रगढ़ कोरिया