छत का रोज टूटकर गिर रहा है प्लास्टर, फिर भी खतरों के साए में शिक्षा प्राप्त करने मजबूर हैं ग्रामीण क्षेत्र के 5 दर्जन बच्चे

प्रवेश गोयल 
सूरजपुर-भैयाथान विकासखंड के ग्राम पंचायत डबरीपारा में एक प्राथमिक शाला ऐसा है जहां बच्चे डर के साए में रोज शिक्षा प्राप्त करने के लिए मजबूर हैं।
भैयाथान विकासखंड के ग्राम पंचायत डबरीपारा स्थित प्राथमिक पाठशाला भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है भवन की छत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है छत का प्लास्टर आए दिन टूट टूट कर बच्चों के ऊपर गिरता रहता है छत की सलाखें स्पष्ट नजर आने लगी है कभी भी यह भवन धराशाही हो कर बच्चों की जान के लिए खतरा पैदा कर सकता हैं या यूं कहें कि जानलेवा साबित हो सकती है यह छत तो अतिशयोक्ति नहीं होगी. शासन प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है जबकि इस विद्यालय भवन को बने लगभग 20 साल हो गए हैं और इस भवन को मरम्मत की आवश्यकता है करीब 60 बच्चों की दर्ज संख्या वाले इस विद्यालय में अपना भविष्य तलाशते बच्चे और उनके अभिभावक यह देखकर अक्सर सहम जाते हैं और अन्य कोई विकल्प ना होने के कारण इसी विद्यालय में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर है।