शावक के इलाज के लिए जब पहुंची डॉक्टरों की टीम उससे पहले हाथी उठा ले गये अपने शावक को

शमरोज खान
कोरिया/बैकुण्ठपुर- बहरासी वनपरिक्षेत्र के बाहीडोल जंगल में हाथी का शावक बीमार पड़ गया था। उसके इलाज के लिए वन्य प्राणी विशषेज्ञ व वेटनरी डॉक्टर्स की टीम पहुंची थी। इसी बीच को हाथियों का दल शावक को लेकर भाग निकले। लोनर्स दल के चार हाथी बीमार शावक को धीरे-धीरे चलाते हुए धक्का मारकर करीब 5-6 किलोमीटर चले गए। मामले में विशेषज्ञों की टीम हाथी दल से करीब 300 मीटर दूर खड़े होकर शावक को अकेला छोडऩे का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार पांच सदस्यीय लोनर्स हाथियों का दल पिछले एक सप्ताह से केल्हारी-बहरासी वनपरिक्षेत्र में डटा था। इस दौरान बहरासी के बाहीडोल जंगल में शावक अचानक बीमार पड़ गया था और रविवार को दिनभर एक हाथी शावक को उठाने की कोशिश में लगा था। लेकिन शावक चलने-फिरने लायक नहीं था और जंगल में ही लेटा था।
शावक के बीमार पडऩे की सूचना मिलने के बाद बिलासपुर-अंबिकापुर से एक्सपर्ट टीम घटना स्थल पर पहुंची थी, लेकिन शावक को अकेला नहीं छोडऩे के कारण इलाज नहीं कर पाए। इसी बीच रविवार की रात करीब -9 बजे हाथी दल के अन्य सदस्य पहुंचे और शावक को धीरे-धीरे चलाकर व धक्का मारकर करीब 5-6 किलोमीटर दूर चले गए हैं। वर्तमान में हाथी का दल भगवानपुर चांगदेवी मंदिर के नजदीक पहुंच चुका है। स्थानीय वन अमला का कहना है कि सोमवार को शावक भी चलता-फिरता नजर आया है। हालांकि एक्सपर्ट टीम हाथी दल से करीब 300 मीटर दूर रहकर निगरानी कर रही है।
हवाई फायर-अतिरिक्त बल की अनुमति मांगी
मनेंद्रगढ़ वनमण्डल के बहरासी, कुवांरपुर सहित तीन वनपरिक्षेत्र की टीम पिछले तीन दिन से लगातार निगरानी कर रही है। सोमवार की सुबह एक्सपर्ट की टीम हाथी दल के पीछे-पीछे चलकर दल के नजदीक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। इस दौरान एक्सपर्ट टीम ने दल के अन्य हाथी को भगाने हवाई फायर व सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त बल की मांग की थी ताकि दल के अन्य हाथी को शावक से दूर भगाया जाए। वर्तमान में हाथी का दल चांगदेवी मंदिर के समीप जंगल में विचरण कर रहा है और शावक के स्वस्थ नजर आने की जानकारी मिली है।
डाक्टर्स की टीम ड्रोन कैमरा, सर्च लाइट लेकर हुई थी रवाना
मनेंद्रगढ़ वनमण्डल से वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ व वेटनरी की टीम रविवार शाम को ड्रोन कैमरा, सर्च लाइट, जनलेटर सहित अन्य सामग्री-किट लेकर बहरासी रवाना हुई थी। इस दौरान बहरासी में पहुंचकर शावक को अकेला छोडऩे का इंतजार कर रहे थे लेकिन हाथी का दल शावक को लेकर काफी दूर निकल गए थे। तीन वनपरिक्षेत्र की टीम, रेस्क्यू टीम तीसरे दिन लगातार निगरानी करने पीछे-पीछे चल रही है और हाथी दल की हरकत की बारीकियां जांच रही है। वहीं आस-पास के ग्रामीणों को हाथी दल से दूर रहने की समझाइश देने में जुटे हैं।