यवत सिंह का इस्तीफा भी नहीं हुआ है मंजूर बैकुण्ठपुर से टिकट चाहते थे यवत सिंह

शमरोज खान
कोरिया/बैकुण्ठपुर- किसी भी नेता के पार्टी छोड़ने से वह व्यक्ति स्वयं प्रभावित होता है ना कि कोई पार्टी प्रभावित होती है। जनता कांग्रेस के जिला अध्यक्ष यवत सिंह के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा है और अभी उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। उपरोक्त बातें छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के लोकसभा प्रभारी ज्ञानेंद्र उपाध्याय ने एक प्रेस वार्ता में बैकुंठपुर विश्राम गृह में कही है। इस दौरान उनके साथ जोगी कांग्रेस से बैकुंठपुर विधानसभा प्रत्याशी बिहारी लाल राजवाड़े वह युवा नेता फैजान ढेबर सहित अनेक कार्यकर्ता व पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। ज्ञानेंद्र उपाध्याय ने कहा कियवत सिंह ने बताया था कि अजीत जोगी से उनके निजी संबंध है एवं जोगी ने उनसे कहा था कि बैकुंठपुर विधानसभा से उम्मीदवार बनाया जाएगा। लेकिन पार्टी के सर्वे के मुताबिक जब यह पता चला कि बिहारी लाल राजवाड़े यवत सिंह की अपेक्षा ज्यादा मजबूत दावेदार जोगी कांग्रेस से हो सकते हैं। इसलिए उन्हें ही टिकट दी गई। जिसके बाद से यवत सिंह नाराज हो गए और उन्होंने पार्टी से बिना चर्चा किए इस्तीफा दे दिया। उपाध्याय ने बताया कि वह इसके पहले आकर यवत सिंह को मनाने की कोशिश कर चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अभी भी उन्हें पूरी उम्मीद है की सिंह पार्टी में ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि हमारी पार्टी पन्ना प्रभारी की नियुक्ति कर रही है। हर 60 मतदाताओं पर एक पन्ना प्रभारी नियुक्त किया जाएगा जो मतदाताओं के लगातार संपर्क में रहेगा। वह उन्हें भाजपा सरकार कि भ्रष्टाचार एवं कमजोरियों वकी जानकारी देगा। वही पन्ना प्रभारी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस द्वारा कोर्ट में दिए गए अपने घोषणापत्र के शपथ पत्र के बारे में इन मतदाताओं को बताएगा। उपाध्याय ने बताया कि छत्तीसगढ़ की रमन सरकार हर मोर्चे पर असफल रही है। किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं, महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, अपने वादे के मुताबिक सरकार ने धान का समर्थन मूल्य बढ़ाया, ना ही बोनस दिया है, बेरोजगारों के आंकड़ों में लगातार वृद्धि हो रही है ।इस दौरान बिहारीलाल राजवाड़े ने पत्रकारों को यह बताया कि यवत सिंह के इस्तीफा देने के बाद उनसे मिलने और मनाने गए थे उन्हें उम्मीद है की यवत सिंह जी मान जाएंगे।