गृहमंत्री जी आपके गृह जिला में स्वास्थ्य विभाग का इतना बुरा हाल है,भीषण गर्मी से विभिन्न प्रकार की मौसमी बीमारी शुरू, महुली उप स्वास्थ्य केंद्र में लटका ताला,6 महीने से इलाज के लिए मरीज दर-दर भटक रहे हैं

पप्पू जायसवाल (बिहारपुर )

सूरजपुर-सूरजपुर जिला मुख्यालय से 130 किलोमीटर दूर स्थित महुली के उप स्वास्थ्य केंद्र में 6 महीने से ताला बन्द है वहीं 30 किलो 35 किलो मीटर दूर से मरीज इलाज के लिए आते हैं और बिना इलाज कराएं वापस जाना पड़ता है उप स्वास्थ्य केंद्र खुला ही नहीं रहता जिसके वजह से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वही उप स्वास्थ्य केंद्र महुली कि 6 महीना से बंद  है

जिले की दूर अंचल एवं वन अंचल क्षेत्र चांदनी बिहारपुर कि ग्राम महुली उप स्वास्थ्य केंद्र 6 महीनों से बंद है और मरीजों इलाज कराने के लिए दर-दर भटक रहे हैं वहीं गर्मी शुरू होने से कई प्रकार लो उल्टी दस्त गर्मी बुखार की बीमारी उत्पन्न हो रहा है और उनका इलाज नहीं हो पा रहा है ग्रामीणों ने अपने इलाज कराने के लिए मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के सहारा लेने से मजबूर हैं

गौरतलब है कि पिछले बरसात के सीजन में बिहारपुर क्षेत्र में मौसमी बीमारी मलेरिया बुखार से 36 लोगों की मौत हो चुका है लेकिन तो भी प्रशासन द्वारा उप स्वास्थ्य केंद्र को हमेशा बंद रखा जा रहा है वही सबसे ज्यादा मौत कोल्हुआ ग्राम पंचायत में हुआ था इसके पड़ोसी उप स्वास्थ्य केंद्र महुली में हमेशा 6 महीनों से ताला लटका हुआ है और प्रशासन की नजर इस ओर नहीं पड़ रहा है

*30 से 35 किलोमीटर दूर से इलाज कराने के लिए महुली पहुंचते हैं मरीज और बिना इलाज कराएं घर वापस जा रहे हैं  उप स्वास्थ्य केंद्र महूली में बंद ताला होने के कारण*

स्वास्थ्य केंद्र से लगा गांव रसौकी उमझर रामगढ़ कछवारी खोहिर बैजनपाठ दुधवानीया लुल्ह भुण्डा तेलाईपाठ जूडवनीया नवडीया खैरा करटी चोगा भाट कोल्हूआ महुली अन्तिकापुर  झरी बोकराटोला  सहित लगभग 30 से 25 किलोमीटर दूर स्वास्थ्य केंद्र से 3 गांव की दूरी है जोकि इलाज के लिए महुली उप स्वास्थ्य केंद्र में आते हैं लेकिन उनकी इलाज नहीं हो पाता है क्योंकि महोली उप स्वास्थ्य केंद्र पिछले 6 महीना से बंद कर दिया गया है जिसके वजह से ग्रामीण काफी परेशान हो रहे हैं उनकी इलाज नहीं हो पा रहा है महुली उप स्वास्थ्य केंद्र से यह सभी गांव लगे हुए हैं जो कि एक महुली उप स्वास्थ्य केंद्र ही इन सभी गांव की मौसमी बीमारी जैसे इलाज करने में नजदीक पड़ता है वह भी बंद रहता है

*मजबूर होकर मध्यप्रदेश के सिंगरौली में इलाज कराने जाना पड़ता है मरीजों को*

इन गांव से जिला मुख्यालय 130 से 140 किलोमीटर दूर में है और उन्हें जाना काफी मुश्किल का सामना करना पड़ता है क्योंकि बिहारपुर क्षेत्र में 108 नंबर की गाड़ी भी नहीं है उनकी मजबूरी हैं सिंगरौली जिले के मध्य प्रदेश में इलाज कराने के लिए जो कि नजदीक पड़ता है 30 से 25 किलोमीटर दूर अपना इलाज सिंगरौली के बैढन शक्ति नगर में अपना इलाज करा रहे हैं

चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में सितंबर अक्टूबर 2017में मौसमी बीमारी मलेरिया बुखार से कई की मौत होने के बाद ग्राम पंचायत महुली में प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र कलेक्टर    द्वारा तत्काल खुलवाया गया यह भी बताया गया था कि यह हमेशा के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला गया है  लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा इन्हें 6 महीने बाद उप स्वास्थ्य केंद्र के नाम से यहां लिखवाया गया और हमेशा   ताला बंद कर दिए

*रहते हैं छत्तीसगढ़ में इलाज कराने जाना पड़ता है मध्य प्रदेश में*
सूरजपुर जिले के बिहारपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग का लापरवाही से मजबूर होकर हुआ मध्य प्रदेश का सहारा लेना पड़ता है छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उन्हें स्वास्थ्य सुविधा अच्छा नहीं मिल पाता है जिला मुख्यालय दूर होने के कारण तो उन्हें मध्यप्रदेश के सिंगरौली क्यों यूपी का सहारा लेने से मजबूर हैं बिहारपुर क्षेत्र के ग्रामीण प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है

*अजय गोयल द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच करवाने से ग्रामीणों को मिला कुछ राहत कुछ दिन पहले लगाए गए थे कैंप*

वही सूरजपुर जिले के सभी जगह में कैंप लगाकर इलाज करवाया जा रहा था अजय गोयल द्वारा इसके अलावा बिहारपुर क्षेत्र में भी कैंप लगाकर इलाज कराया गया लेकिन सभी गांव के ग्रामीण यहां तक नहीं पहुंच पाए हैं और उन्हें कहां कैंप लगाए कुछ ग्रामीणों को राहत तो मिला है लेकिन दूर अंचल पहाड़ी अंचल क्षेत्र में ग्रामीणों को इसकी लाभ नहीं मिल पाया है काफी चिंतित में है ग्रामीण अपने स्वास्थ्य को लेकर

वही इन दिनों छत्तीसगढ़ के कई जिले में तेंदूपत्ता की तुड़ाई चल रहा है इसके अलावा बिहारपुर क्षेत्र में भी तेंदूपत्ता की तुड़ाई चल रहा है वही कड़ाके धूप में तेंदूपत्ता तोड़ने से विभिन्न प्रकार की बीमारी उत्पन्न हो रहे हैं जैसे उल्टी बुखार जैसे पूरी तरह की बीमारी से ग्रामीण ग्रस्त रहे हैं लेकिन बिहारपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक ना होने से ग्राम महुली में उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला बंद होने से उन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा है और वह बीमारी से झेल रहे हैं

गरीब परिवारों को एक ही है सहारा तेंदूपत्ता तोड़ आई और पूरे दिन करते हैं तो डाई और उनके स्वास्थ्य ही खराब हो जाते हैं लेकिन उन्हें नहीं मिल पा रहा है इलाज स्वास्थ्य केंद्र बंद हो जाने से उन्हें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है