त्याग, जज्बा व कर्तव्य के प्रति निष्ठा से आने वाले समय में भी नक्सल उन्मूलन की दिशा में दिखेंगे सकारात्मक परिणाम- गृहमंत्री

राजेश सोनी
सूरजपुर- गृह, जेल एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री रामसेवक पैंकरा, सरगुजा सांसद कमलभान सिंह मराबी की उपस्थिति में बुनियादी प्रशिक्षण केन्द्र दसवीं वाहिनीं छस बल सिलफिली में बारहवां आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र-दीक्षान्त समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गृहमंत्री रामेसवक पैंकरा ने परेड का निरीक्षण किया एवं परेड की शलामी ली।


इस अवसर पर उप पुलिस महानिरीक्षक आरपी साय, जिपं सीईओ संजीव कुमार झा, वन मण्डलाधिकारी भानुप्रताप सिंह,एएसपी रामकृष्ण साहू, मेघा टेम्भुरकर उपस्थित रहे। दीक्षान्त परेड समारोह में 245 आरक्षकों का 8 टुकड़ियों के परेड कमाण्डर शिवराज बंजारा एवं हलेन्द्रनाथ की अगुवाई में प्लाटून कमाण्डर खेम सिंह बस्तर वाहिनी के, योगेश्वर धु्रव महासमुंद वाहिनी के, सतीश कुमार कांकेर वाहिनी के,घनश्याम नेताम बस्तर वाहिनी के, मनोज कुमार बस्तर वाहिनी के, विकाश कुमार बालोद वाहिनी के, उत्तम सिंह कांकेर वाहिनीं तथा नेमीचन्द्र साहू बस्तर वाहिनी के नेतृत्व में परेड एवं मार्च-पास्ट किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथ्यों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
प्रदेश के गृहमंत्री रामेसवक पैंकरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रशिक्षण सत्र के दीक्षान्त परेड समारोह में सम्मिलित समस्त प्रशिक्षणार्थियों को उनके द्वारा सफलता पूर्वक पूर्ण किये गये प्रशिक्षण के लिए बधाई देता हूॅ। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रमुख कर्तव्य आम जनता की जान-माल की सुरक्षा करना होता है, जिसके संपादन में विकट एवं कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। गृहमंत्री पैंकरा ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान आपको रणकौशल, बुद्धिकौशल एवं रणक्षेत्र में जमीनीं इस्तेमाल का बखूबी प्रशिक्षण दिया गया होगा, जिसको आत्मसात करते हुए नक्सल उन्मूलन हेतु तैनाती के दौरान आप अपनी रणनीतिक एवं सामरिक कुशलता का प्रदर्शन कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्यशासन की विकासोन्मुखी योजनाएं प्रभावी समर्पण नीति एवं आपके त्याग, जज्बा एवं कर्तव्य के प्रति निष्ठा से आने वाले समय में भी नक्सल उन्मूलन के सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे। समारोह के सफल प्रशिक्षण एवं उनके द्वारा प्रदर्शित दीक्षान्त परेड की बधाई व शुभकामनायें दी। वहीं सेनानी डीआर आचला ने अपने प्रतिवेदन को पढकर बताया कि दसवीं बटालियन की स्थापना 28 मार्च 2001 को की गई थी। नक्सली उन्मूलन हेतु चलाये गये नक्सली अभियान क्रीड़ा एवं अन्य स्थापना की प्रक्रिया में वाहिनी के कर्मचारियों ने प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएं अर्जित की है, जहां वाहिनी के 13 कर्मचारियों को शासन द्वारा नक्सली उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु समय पूर्व पदोन्नति प्रदान की गई है, वहीं स्थापना के बाद वाहिनी के 10 अधिककारी, कर्मचारियों को सराहनीय सेवाओं के लिए भारतीय पुलिस पदक से पुरस्कृत किया गया है। इस इकाई में 12 जिला बल एवं छसबल के बुनियादी प्रशिक्षण के एक सहायक आरक्षक का प्रशिक्षण, एक छसबल आरक्षक क्रेश कोर्स, सरगुजा रेंज जिला बल के 3 पूर्व पदोन्नति कोर्स, आर से प्रआर केडर कोर्स 1 एवं प्रआर से सहा प्लाटून कमा छसबल पूर्व पदोन्नति कोर्स का सफल आयोजन किया गया है।

 

 

 

 

 

 

कार्यक्रम में विभिन्न आयोजनों में विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया, जिसमें कानून विषय में प्रथम अश्विनी साहू एवं द्वितीययोगेन्द्र बीसी, पुलिस और समाज में प्रथम अश्विनी साहू एवं द्वितीय टिकेश्वर धु्रव, पुलिस प्रक्रिया में प्रथम संतोष कुमार व द्वितीय अश्विनी साहू, फायरिंग में प्रथम संतोष कुमार नेताम व द्वितीय चुमेश कुमार, बाह्य परीक्षा में प्रथम विकाश कुमार व द्वितीय अश्विनी कुमार, अनुशासन में प्रथम निर्मल वर्मा व द्वितीय उत्तम सिंह, परेड कमाण्डर में प्रथम शिवराज बंजारा व द्वितीय हलेन्द्र नाथ तथा सर्वोत्तम प्रशिक्षणार्थी में प्रथम अश्विनी साहू एवं संतोष कुमार ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में बारहवीं बटालियन के डीसी ओमचंदेल व एसी द्वय लोकेश्वर साण्डिल्य व जीआर मिंज, एसडीओपी मनोज धु्रव, ग्राम पंचायत सिलफिली के सरपंच अजय सिंह नेटी, पूर्व सरपंच कनकपुर नान्दू कुश्वाहा, नरेन्द्र जैन, सुशील सिंह, विनय पाण्डेय सहित प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मिडिया, सहायक सेनानी बी पन्ना, बीएस पैंकरा, एमएस रावत,एमएल खलखो, कम्पनी कमाण्डर आनन्द सिंह रावत, नंदकिशोर सिंह भदौरिया, लक्ष्यपति दुबे एवं वंश बहादुर, प्लाटून कमाण्डर वीरसाय भगत, तिलक कुमार गौतम, पुलिस बैण्ड पार्टी में चैन साय किस्पोट्टा, अनुराग तिर्की, विनोद कुमार, जोश टोप्पो, अशोक केरकेट्टा, श्याम कुमार हेला तथा ईमिल कुजूर उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन की घोषणा उप सेनानी डीके सिंह एवं संचालन नरेन्द्र सिंह टूटेजा के द्वारा किया गया।