जीवन ज्योति अस्पताल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से अपंजीकृत करने की अनुसंशा 

राजेश सोनी
अम्बिकापुर-अपनी उटपटांग हरकतों से आये दिन सुर्खियों में रहने वाला जीवन ज्योति अस्पताल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से अपंजीकृत करने की अनुसंशा जिला पंचायत सरगुजा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता गांधी ने की है। उन्होंने बताया है कि जीवन ज्योति अस्पताल में  डॉ पुष्पेन्द्र पटेल द्वारा जेबा की नवजात बच्ची को पीलिया होने की षिकायत के कारण अस्पताल में 28 अगस्त 2018 को भर्ती कराया गया था। चिकित्सक के द्वारा परिजन को जानकारी दी गयी की प्रत्येक दिवस का खर्च कुल 4 हजार से 5 हजार रूपये के मध्य होगा तथा रोगमुक्त होने पर चार पांच दिवस के पश्चात छुटटी कर दी जाएगी। 29 अगस्त को अपरान्ह 3.27 बजे मो0 समषेद खान के द्वारा कार्ड प्रस्तुत कर ब्लाकिंग कराया गया जिसमें सिवियर सेप्सीस के लिए ब्लॉक किया गया लेकिन मेडीकेयर टी0पी0ए0 द्वारा जब दस्तावेज मगाया गया तब जांच रिर्पोट का अवलोकन किया गया तो उसके आधार पर  सिवियर सेप्सीस का लक्षण नहीं पाया गया जिस पर टी0पी0ए0 द्वारा अनस्पेसिफाईड पैकेज 25 हजार रूपये का एप्रुव्हल दिया गया। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि अनवाष्यक रूप से लाभ लेने हेतु गलत पैकेज ब्लोकिंग किया गया। 
स्मार्ट कार्ड ब्लाक होने के पश्चात मरीज से किसी भी प्रकार की राषि नहीं लेने के प्रावधान है, 29 अगस्त 2018 को स्मार्ट कार्ड ब्लाक होने के पश्चात भी परिजन को अस्पताल द्वारा बिल 16 हजार 500 का बिल एंव 31 अगस्त को को 40 हजाररूपये का बिल दिया गया जो कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना  के नियमानुसार गलत है। अस्पताल का यह कृत्य अनावष्यक रूप से जन आक्रोष को बढ़ावा दे रहा है एंव अन्य हितग्राहियों को योजना के प्रति अविष्वास उत्पन हो रहा है। उन्होंने बताया है कि 24 अगस्त को हितग्राहियों को लाभ नहीं दिये जाने के संबंध में भी जीवन ज्योति अस्पताल को नोटिस जारी किया गया था, परन्तु इसके उपरांत भी अस्पताल द्वारा मरीज को सही रूप से स्मार्ट कार्ड की जानकारी से वंचित रखा जा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि शासन द्वारा चलायी जा रही महत्वाकांक्षी योजना से हितग्राहियों को पूर्णतः लाभान्वित नहीं किया जा रहा है। इन बातों को दृष्टिगत रखते हुये जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जीवन ज्योति अस्पताल अम्बिकापुर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से अपंजीकृत करने की अनुसंषा की गई है। इस आशय का पत्र स्वास्थ्य संचालनालय को प्रेषित कर दिया गया है।