संचार क्रांति योजना में मिले मोबाइल के फटने की एक हप्ते में दूसरी घटना..प्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बैकोना में हुई दूसरी घटना,ग्रामीण दहशत में

चन्द्रिका कुशवाहा

पोड़ी मोड़ प्रतापपुरसंचार क्रांति योजना के तहत बांटे गए सरकारी मोबाईल फटने की प्रतापपुर क्षेत्र में एक और घटना घटित हो गयी जो एक हप्ते के भीतर दूसरा मामला है,घटना विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बैकोना की है जहां मोबाइल फटने के बाद लगी आग से ग्रामीण बाल बाल बच गया।पहली घटना चांचीडांड में बुधवार को हुई थी जिसे जांच की औपचारिकता पूरी कर प्रशासन झुठलाने में लग गया है,वहीं चाँचीडांड के पीड़ित के पति तीरथ लाल गोंड ने थाने में मोबाइल फटने और उसके बाद हुए नुकसान की लिखित सूचना दी है।
  गौरतलब है कि प्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत चाँचीडांड में सरकारी मोबाइल फटने और इससे कमरे में रखे सामान के जलकर खाक होने का मामला सामने आया था,इस घटना के दो दिन बाद ही ग्राम पंचायत बैकोना में मोबाइल फटने का एक और मामला सामने आया है,मिली जानकारी के अनुसार बैकोना के माध्यमिक शाला में रसोईया का काम करने वाली सुहानो बाई को संचार क्रांति योजना के तहत कुछ दिन पहले ही मोबाइल फोन मिला था जिसे उसका बेटा जगशरण चला रहा था।बुधवार की रात प्रयोग करने के बाद सोने से पहले उसने फ़ोन को अपने विस्तर के ऊपर बने प्लाई के रेक नुमा स्थान पर रख दिया था और इस दौरान नेट चालू अवस्था में था और फ़ोन चार्जर से जुड़ा हुआ था ताकि बैटरी चार्ज हो सके।रात बारह बजे करीब जब वह सोया हुआ था तब अचानक उसे गर्मी का एहसास हुआ और जब वह उठा तो बिस्तर के ऊपर धुवां तथा आसपास रखे कपड़े से आग निकलते दिखाई दी जिसके बाद हड़बड़ा कर उसने पानी डाल आग पर नियंत्रण पाया।इसके बाद उसने हल्ला कर अपने पिता व अन्य लोगों को वहां बुलाया,जब सबने आग वाली जगह पर देखा तो फोन टुकड़ों में पड़ा था और बैटरी काली हो गई थी जिसमें से धुंआ निकल रहा था,पीड़ित के अनुसार उस दौरान ब्लास्ट होने की आवाज भी आई थी।घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए तथा वहां उस घटना से दहशत का माहौल बन गया क्योंकि सरकारी फ़ोन लगभग सभी घरों में है और उन्हें भी अपने फ़ोन के फटने का डर सताने लगा है।वहीं रात को बैकोना में हुई इस घटना में सुहानो बाई का बेटा बाल बाल बच गया क्योंकि फ़ोन उसके बिस्तर के ऊपर ही रखा रखा तथा अगर समय पर उसकी आंख नहीं खुलती तो वह भी आग की चपेट में आ सकता था।बरहाल प्रतापपुर क्षेत्र में सरकारी मोबाइल फटने के यह एक हप्ते में दूसरी घटना है जो फोन की क्वालिटी को लेकर सवाल खड़े करने लगे हैं,सरकार पर कमीशनखोरी और ग्रामीणों के साथ छलावा के आरोप लगने लगे हैं वहीं सबसे बड़ी बात है कि संचार क्रांति के तहत बंटे मोबाइल को लेकर ग्रामीणों में डर व असमंजस की स्थिति निर्मित हो रही है।

चांचीडांड के पीड़ित ने थाने में दी सूचना

गौरतलब है कि बुधवार को प्रतापपुर के चाँचीडांड में एक ग्रामीण के यहां सरकारी फ़ोन ब्लास्ट हो गया था जिसमें उसके घर का बहुत सारा सामान भी जलकर खाक हो गया था,कल पीड़ित के पति तीरथ लाल ने घटना के सम्बंध में प्रतापपुर थाने में सूचना दर्ज कराई है जिसमें उसने फोन ब्लास्ट होने तथा इसके कारण कमरे में रखा सामान जलकर खाक होने की जानकारी दी,जिसके बाद प्रतापपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मोबाइल फटने की घटना को झुठलाने में लगा प्रशासन

संचार क्रांति योजना के तहत दिए जा रहे फोन के फटने से प्रशासन सकते में है और वह जांच के नाम पर औपचारिकता पूरी कर मामले को झुठलाने में लग गया है और दावा कर रहा है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।मिली जानकारी के अनुसार चांचीडांड में हुई घटना के बाद जिला प्रशासन सूरजपुर ने शुक्रवार को तहसीलदार प्रतापपुर ओपी सिंह व अन्य को मामले की जांच के लिए भेजा था जिनके रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने घटना को ही झूठ करार दे दिया है,प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जिला प्रशासन ने बताया कि उस गांव में कई दिनों से बिजली ही नहीं है जिस कारण मोबाइल चार्ज ही नहीं था तो मोबाइल के फटने का सवाल ही नहीं है,प्रशासन के इस दावे को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है और सवाल कर रहे हैं जो मौके पर फोन फटा हुआ था वह किसका था और मौके पर कहां से आया।