नाराज प्रेरकों ने आगामी 19 सितम्बर को निकालेगी जिला स्तरीय धरना एवं रैली

राजेश सोनी
सूरजपुर- जिला स्तरीय छत्तीसगढ़ साक्षरता प्रेरक एवं समन्वयक संघ की बैठक नगर के रंगमंच मैदान में प्रदेशाध्यक्ष सुनील कुमार की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि सत्त शिक्षा के रूप में साक्षर भारत कार्यक्रम संचालित की गई थी, लगभग 12 वर्ष से निरंतर प्रेरकों के द्वारा सेवा दी गई, परंतु साक्षर भारत कार्यक्रम बंद हो गई जिसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के लगभग 17000 प्रेरक बेरोजगार हो गये।


नाराज प्रेरकों ने आगामी 19 सितम्बर को जिला स्तरीय धरना एवं रैली सरकार के विरूद्ध निकालने का निर्णय लिया है। वहीं 20 सितम्बर को जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र प्रेमनगर, भटगांव व प्रतापपुर विधानसभा में सरकार विरोधी दिवारो पर नारा लेखन एवं प्रचार प्रसार की जायेगी। साथ ही यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ प्रदेश के अन्य जिलों में प्रारम्भ हो चुकी है, प्रेरकों का अब टारगेट छत्तीसगढ़ के 90 विधानसभा के सभी बीजेपी उम्मीदवार को हराने का काम रहेंगा, अगर राज्य सरकार अचार सहिता से पूर्व छत्तीसगढ़ के सभी प्रेरकों को किसी विभाग में समायोजन कर दे तो प्रेरक लोग सरकार के खिलाफ प्रचार प्रसार नहीं करेंगे। इस संबन्ध में प्रदेशा अध्यक्ष ने बताया की प्रेरक हर ग्राम पंचायत में एक महिला एक पुरूष के रूप में है। जो निरक्षरो को साक्षर करने का काम करते थे, साथ ही सरकार के विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार ग्रामीण स्तर पर करते थे मात्र 2000 रूपये इसके अलावा प्रेरक निर्वाचन विभाग में बीएलओ के रूप में कार्य करते आये है, इस बात का प्रेरक संघ के द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार माननीय मुख्य मंत्री जी को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया है, साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्री जी को भी अवगत कराया गया है। और मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर जी के द्वारा प्रेरकों का अस्वासन भी दिया गया था, कि प्रेरकों को अच्छा कार्यक्रम दिया जायेगा और जो भी कार्यक्रम आयेगा उसमें प्रेरकों को ही लिया जायेगा परंतु 8 सितम्बर अन्तरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के दिन दिल्ली विज्ञान भवन में मानव संसाधन विकास मंत्री जी के द्वारा अपने उदबोधन के दरमयान साक्षरता कार्यक्रम 2022 तक चलने का घोषणा किये है और उस कार्यक्रम में स्कूलीं बच्चों को निरकक्षर व्यक्तियों को पढ़ाने का जिक्र किये है, और उस कार्यक्रम में प्रेरकों का नामों निशान नहीं है। जिससे प्रेरक लोग बहुत ही दुःखी है और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य है। बैठक में संभागीय अध्यक्ष उमाशंकर शुक्ला, जिलाध्यक्ष वासुदेव चक्रधारी, सचिव मोहनलाल, उपाध्यक्ष दीव्या तांजे, दिलसाय राजवाड़े, गणेश राम, बधोलन राम, राजेश यादव, रेखा कुशवाहा, खलेश्वरी राजवाड़े, अनील सोनी, बसंती राजवाड़े, सरीता सोनी, सहरुद्दीन, जवाहर लाल, अरूण तिवारी, लक्ष्मी सिंह, पूनम कुजूर, सकुन्तला, मो महबुब अंसारी, मुकदेव राजवाड़े, सुधीर राजवाड़े, प्रजापति, श्यामलाल, अवधलाल देवांगन समेत अन्य साक्षरता प्रेरक संघ के कार्यकर्ता उपस्थित रहें।