जिले के ढ़ाई लाख से भी अधिक बच्चों को लगाया जायेगा एमआर का टीका, नन्ही बेटी रिया को टीका लगाकर की गई अभियान की शुरूआत

प्रवेश गोयल
सूरजपुर- कुपोषण और विकलांगता को जड़ से समाप्त करने हेतु देश भर में चलाए जा रहे मिजल्स- रूबेला टीकाकरण अभियान का शुभारंभ सूरजपुर जिले में शनिवार को नवीन जिला चिकित्सालय में किया गया, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ आरएस सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुक्तानंद खूंटे, अस्पताल अधीक्षक डॉ शशि तिर्की समेत अन्य अधिकारियों की उपस्थिती में 8 वर्षीया छात्रा रिया को एमआर टीका लगाकर और पुष्पगुच्छ प्रदान कर अभियान की शुरूआत की गई।


इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ आरएस सिंह ने बताया कि एमआर टीकाकरण के तहत 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को टीका लगाया जायेगा। जिले में लगभग ढ़ाई लाख बच्चों को 4309 टीकाकरण सत्रों और 27.812 एमआर वैक्सीन वायलों के माध्यम से टीका लगेगा। 6 अक्टूबर से 19 दिसम्बर तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रथम 30 दिवस में जिले के 1686 स्कूलों, 1343 आंगनबाड़ी केन्द्रों में टीकाकरण की व्यवस्था की गई है, जबकि जिले के समस्त शासकीय अस्पतालों में नियमित एमआर टीका लगाया जायेगा। उन्होंने ने बताया कि सीएचएमओ डॉ एसपी वैष्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी राजेष सिंह के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत दूरस्थ व पहुंचविहिन ग्रामों के साथ- साथ ईट भट्ठों, निर्माण स्थलों व फैक्ट्ररियों में मोबाइल यूनिट के माध्यम से कार्यरत मजदूरों के बच्चों व ग्रामीण बच्चों को टीका लगाने की व्यवस्था की गई है। खसरा-रूबेला अभियान देश में खसरा और रूबेला सीआरएस के कारण बीमारी और मौंतों को कम करने के वैश्विक प्रयासों का एक हिस्सा है।

खसरा टीकाकरण पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में कमी के लिए योगदान है और रूबेला वैक्सीन के साथ संयुक्त रूप से देने से यह रूबेला को नियंत्रित करने और सीआरएस को रोकने में मदद करेगा। इस अभियान के दौरान 9 माह से 15 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को खसरा-रूबेला का एक टीका दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ आरएस सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुक्तानंद खूंटे, अस्पताल अधीक्षक डॉ शशि तिर्की, डॉ एमसी पटेला, डॉ किशोर शर्मा, डीपीएम राजीव रंजन मिश्रा, अभिकल्प गुप्ता, एके गुप्ता, निलेश गुप्ता, उपेन्द्र सिंह समेत अन्य उपस्थित रहे।

अफवाहों से बचे- एमआर का टीका है सुरक्षा कवच
इस अवसर पर डॉ आरएस सिंह ने बताया कि मिजल्स- रूबेला टीका को लेकर असामाजिक तत्वों के द्वारा कई प्रकार की भ्रांतियां फैलाई जा रही है और लोगों को भयभीत किया जा रहा है। एमआर का टीका पूरी तरह से सुरक्षित और भारत में निर्मित है, इस टीका से बच्चों के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है और किसी भी प्रकार का साईड इफेक्ट नहीं है। इस टीकाकरण को लेकर कुछ लोगों के द्वारा फर्जी वीडियो वायरल किया जा रहा है, जो पूरी तरह से बनावटी और साजिश का हिस्सा है। उन्हांने जनसामान्य से अनुरोध करते हुए बताया कि बच्चों के जीवन रक्षा के लिए टीकाकरण आवश्यक है। टीकाकरण के दौरान मामूली बुखार और सर्दी हो तो अभिभावकगण न घबराएं।