चुनावी चक्रम प्रेमनगर… विजय प्रताप इन…. रेणुका आउट….? संशय के मध्य सभी दावेदारों को चमत्कार की है उम्मीद- प्रवेश गोयल

प्रवेश गोयल
सूरजपुर- प्रेमनगर अनारक्षित विधानसभा सीट में भाजपा ने अब तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है, कांग्रेस यहां वर्तमान विधायक खेलसाय सिंह का नाम तय कर चुकी है, सामान्य सीट से सामान्य उम्मीदवार या आदिवासी प्रत्याशी के सामने आदिवासी प्रत्याशी उतारने की रणनीति के तहत भाजपा प्रेमनगर में अब कांग्रेस उम्मीदवार की घोषणा का इंतजार करने के मुड में है। ऐसे में भाजपा आदिवासी वर्ग से युवा चेहरा विजय प्रताप सिंह को और अनारक्षित वर्ग से प्रभावी एवं समझदार चेहरा बाबूलाल अग्रवाल को उम्मीदवार बनाने के पक्ष में है, दोनों चेहरे संगठन की  पसंद के हैं।
विजय इन- रेणुका आउट
टिकिट की दौड़ में पार्टी और संघ की पहली पसंद बनकर उभरे विजय प्रताप सिंह के नाम की घोषणा तो नहीं हुई लेकिन उच्च पदस्थ सूत्रों से उन्हें तैयार करने के लिए हरी झण्डी मिल गई है। टिकिट के रेस में रायपुर से दिल्ली तक हाथ- पांव मारने के बाद भी रेणुका सिंह समेत अन्य दावेदारों के हाथ कुछ नहीं लग पाया है। सूत्रों की माने तो पूर्व विधायक रेणुका सिंह पूरी तरह से आउट हो चुकी हैं।
अनारक्षित उम्मीदवारों को है चमत्कार की उम्मीद
पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रेमनगर सीट पर उम्मीदवार तय कर लिया गया है घोषणा भर शेष रह गया है, कांग्रेस से खेलसाय सिंह के नाम की
घोषणा होते ही प्रेमनगर से भाजपा भी विजय प्रताप सिंह का नाम घोषित कर देगी। यदि कांग्रेस ने सामान्य वर्ग से प्रत्याशी घोषित किया तो ऐसी परिस्थिति में भाजपा अपनी रणनीति बदल सकती है और इसी उम्मीद में अनारक्षित वर्ग के सभी दावेदार रायपुर और दिल्ली से सम्पर्क बनाए हुए हैं।
विजय के नाम आते ही उठने लगे बगावत के स्वर
सूरजपुर जिला मुख्यालय में लम्बे समय से निवास करने के बावजूद विजय प्रताप सिंह का नाम सामने आते ही पूर्व विधायक के समर्थकों के द्वारा उन्हें बाहरी प्रत्याशी बताना शुरू कर दिया है, जबकि विजय प्रताप सिंह ने तो अब सूरजपुर में अपना स्थायी मकान भी बना लिया है। विजय प्रताप सिंह को प्रत्याशी की दौड़ मेंं सबसे ऊपर होने के संकेत मात्र से रामानुजनगर क्षेत्र के  पूर्व विधायक समर्थक बगावती तेवर दिखाने लगे हैं, ऐसे में विजय प्रताप सिंह की विजय प्राप्ति की राह आसान होगी यह कह पाना काफी कठिन है, जिला पंचायत सदस्य चुनाव के समय के गड़े मुर्दे भी लोग सामने लाकर विजय की राह में रोड़े अटकाने में लगे हैं। इन सब मुद्दों से विजय प्रताप को बहुत ही चतुराई के साथ निपटना होगा।