स्वाईन फ्लू से संबंधित जागरूकता प्रशिक्षण सम्पन्न…सर्दी, खॉसी होने पर सावधानियां बरतने की समझाईश..

अम्बिकापुर- स्वाईन फ्लू एवं जीका वायरस से संबंधित संभाग स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण गुरूवार को को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एन.के. पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसके तहत सरगुजा संभाग के कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर एवं सरगुजा जिले से आये लैब टेक्निशियन एवं स्टॉफ नर्सो का प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित किया गया।  प्रशिक्षण सह कार्यषाला में डॉ0 एन0के0पाण्डेय ने बताया कि यदि किसी भी व्यक्ति को सर्दी, खॅांसी, बुखार है तो आप भीड़ वाले जगहों में जाने से बचें एवं घर पर रहकर आराम करें। खांसते-छिंकते समय मुह पर साफ रूमाल या कपड़ा का उपयोग करें, उपयोग किए गये रूमाल एवं कपड़े को किसी दूसरे व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। सार्वजनिक स्थानों से घर लौटने पर बच्चों को छूने से पहले व भोजन से पहले अपने हाथ साबुन से अच्छी तरह से धो लेने का आग्रह किया गया है। सीएमएचओ ने बताया कि मेडिकल कॉलेज संबंद्ध जिला चिकित्सालय में स्वाईन फ्लू के मरीजों हेतु पृथक से आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है एवं दवाईयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के लिए अस्पताल प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं।
महामारी नियंत्रण के नोडल अधिकारी डॉ0 अनिल प्रसाद ने बताया की प्रत्येक बार की सर्दी, खॉंसी स्वाईन फ्लू नहीं होती फिर भी सर्दी खॉंसी होने पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है, क्योंकि उसके साथ यदि सांस लेने में तकलीफ होने लगे या तेज बुखार आ जाये तो तुरन्त किसी नजदीकी अस्पताल में जाकर जॉंच करायें, क्योंकि अधिकांश मामलों में ऐसी स्थिति स्वाईन फ्लू का संकेत देती है।  मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर में पदस्थ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ0 धर्मेन्द्र गवई द्वारा प्रशिक्षण सह कार्यशाला में स्वाईन फ्लू से बचाव एवं रोकथाम हेतु यह बताया गया कि माह नवम्बर से मार्च तक स्वाईन फ्लू का प्रकोप होने की संभावना अधिक हेती है। स्वाईन फ्लू से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां रखनी चाहिए – स्वाईन फ्लू सामान्य सर्दी की फ्लू के जैसा इन्फेक्षन है, जो सामन्यतः स्वस्थ व्यक्ति में संक्रमण के उपरांत अपने आप ही ठीक हो जाता है। स्वाईन फ्लू के लक्षण सर्दी, खॉंसी, बुखार, इत्यादि होने पर निकटतम चिकित्सालय में उपचार हेतु सम्पर्क करना चाहिए एवं घर के अन्य सदस्यों में फेलने की संभावना से बचने हेतु अलग कमरे में रहना चाहिए तथा छोटे बच्चों एवं वृद्धजन को संक्रमण से बचाने हेतु संक्रमित व्यक्ति से दूर रखना चाहिए। स्वाईन फ्लू का टीका सामान्यतः अधिक खतरे हाई रिस्क ग्रुप को ही लगाना है। मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर में पदस्थ डेमोंस्ट्रेटर डॉ0 अरविंद सिंह ने बताया कि स्वाईन फ्लू के संबंध में लोगों में जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि स्वाईन फ्लू के लक्षण होने पर तत्काल फेफड़ों का एक्सरे कराने तथा पीड़ित के पास जाने से पहले मास्क का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। प्रषिक्षण के उपरांत विशेषज्ञों ने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा पूछे गये सभी सवालों के जवाब दिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम का सम्पादन डॉ0 आमीन फिरदौसी चिकित्सा अधिकारी चिरायु के द्वारा पूर्ण किया गया। उक्त प्रशिक्षण सह कार्यषाला में जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ0 अनिता पैकरा, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक श्री तुषार वर्मा एवं एपोडेमोलाजिस्ट डॉ0 वर्षा शर्मा तथा अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।