महज चंद रुपयो के लिये पुलिस थाने मे पुलिस की पिटाई से इंजिनियर मौत की मजिस्ट्रीयल जांच के बाद भी मृतक इंजिनियर के आरोपी कानून के गिरफ्त से बाहर…चंद रुपये के लिये खाकी वर्दी ने एक युवा इंजीनियर की ले ली थी जान..

राजेश सोनी

महज चंद रुपयो के लिये पुलिस थाने मे पुलिस की पिटाई से इंजिनियर मौत की मजिस्ट्रीयल जांच के बाद भी मृतक इंजिनियर के आरोपी कानून के गिरफ्त से बाहर..
महज चंद रुपये के लिये खाकी वर्दी ने एक युवा इंजीनियर की ले ली थी जान.. 

सूरजपुर… पांच वर्ष पूर्ण होने को जा रहा है। मजिस्ट्रीयल जांच के बाद भी मृतक के हत्यारों के उपर आज तक कोई कार्रवाही नही हो सका है। मृतक के परिजन आज भी न्याय के लिए इंतजार में है। बताया जाता है कि महज चंद रुपये के लिये खाकी वर्दी ने एक युवा इंजीनियर की जान ले ली थी। यह पुरा मामला विधानसभा चुनाव 2013 का है आज पांच साल पुर्ण हो गया है, न्यायिक जांच मे इंजीनियर के मौत के दोषी आरक्षक निरिक्षक जेल की हवा खाने के बजाये बडे मजे से विभाग मे बने है! पिडित परिवार आज भी उस काले दिन को याद करके रोते है!

क्या था पुरा मामला…
यह हादसा गृहमंत्री के गृहग्राम चेन्द्रा के पकनी का है पकनी निवासी नरनारायण सिह जो गुजरात रेलवे मे इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। वह छुटटी लेकर अपनी बेटी के अन्नप्राशन के लिए गांव आया हुआ था। 11 नवंबर को वह अपने दोस्तों के साथ ग्राम के ही रहने वाले बलबीर देवांगन और राजेश्वर पैकरा के साथ बाजार से वापस आ रहे थे। और रास्ते में भैयाथान पुलिस जांच कर रही थी। मृतक का मात्र इतना गलती था कि व पुलिस के द्वारा रूकवाने पर इंजिनियर नही रूके थे। इतने मे दो आरक्षक ने पीछा कर उनको पकड़ा नरनारायण को अपने साथ थाने ले आये। मुॅह मांगा धनराशि पुलिस को नही मिलने पर थाने पर उसकी बेदम पीटाई कर दी। जिससे इंजिनियर के सिर पर गंभीर चोटे आने के साथ-साथ पैर और हाथ की हड्डियां भी टूट गई थीं। घटना की जानकारी परिजनों को लगने पर उसे स्थानीय भैयाथान अस्पताल लाया गया। इंजिनियर नरनारायण की स्थिति सुधार न होने पर अंबिकापुर के बाद फिर परिजन ने उसे रायपुर ले गए। नरनारायण सिंह की हालत इंतनी गंभीर थी कि रायुपर में तबियत बिगडऩे पर उसकी मौत 21 नवम्बर 2013 को हो गई थी।

चक्काजाम कर रहे ग्रामीणों के साथ रामसेवक पैकरा 

शव रखकर किया था चक्काजाम….
महज चंद रुपयो के लिये युवा इंजीनियर की पुलिस की मारपीट से मौत की खबर लगते ही स्थानीय ग्रामीणो ने मृतक का शव सडक पर रखकर चक्काजाम कर पुलिस प्रसाशन के खिलाफ प्रदर्षन किया था। जिसे देखते हुये दो आरक्षक मुनेश्वर व रमेश कसेरा को तत्कालीन एसपी एसएस सोरी ने निलंबित किया गया तो वही तत्कालीन कलेक्टर डा0 एस. भारती दासन ने मजिस्ट्रीयल जांच का आदेश दिया तक जाकर ग्रामीणो का गुस्सा शांत हुआ।

सडक जाम कर रहे ग्रामीणो मे थे उस समय के पूर्व भाजपा प्रदेषाध्यक्ष रामसेवक पैकरा….
पुलिस पिटाई से मौत होने पर चक्काजाम विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणो के साथ गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ग्रामीणो के सुर मे ताल मिलाकर पुलिस क्रिया कलाप का विरोध प्रदर्शन कर पुलिस को नक्सली डकैत लुटेरा कहा था, यह अजीब संयोग कहा जाये या विडम्बना कि छत्तीसगढ सरकार गठन होने पर ये उसी पुलिस डकैत लुटेरो के मंत्री बने पर आज तक पीडित परिवार को न्याय दिलाने मे असफल रहे। न्यायीक जांच रिर्पोट मे प्रतापपुर दण्डाधिकारी ने मृतक नरनारायण सिह की मौत पुलिस थाने मे आरक्षक मनेश्वर सिह के साथ रमेश कसेरा की मारपीट से होना पाया साक्ष्य सबुत के साथ इस पुरे मामले मे दो आरक्षक के साथ तत्कालीन टीआई अशोक कुजुर को दोषी करार दिया था। पर आज तक ये वर्दी वाले रक्षक से भक्षक मौत का कातिल बने तीनो गुनाहगार बेखौफ पुलिस विभाग बने हुये है नतीजन अब तो पुलिस खुलेआम अनैतिक धंधो मे लिप्त होकर अपनी साख पर बटटा लगा रही है चोर डकैत अपराधी पुलिस की संरक्षण मे बेखौफ होकर अपने अनैतिक कार्यो को अंजाम दे रहे है तो वही मृतक के परिजन सहित ग्रामीण चोर डाकु से नही पुलिस के भय आतंक से डरे सहमे नजर आते है।

मृतक के परिजनों को 5 साल बाद भी न्याय का इंतजार है….

पुलिस थाने में पुलिस की मारपीट से नरनारायण सिह की मौत मामले में एक भी आरोपी की गिरफ्तारी बर्खास्त नहीं होने से नाराज मृतक  के परिजनों ने अब हाईकोर्ट की शरण लेगे और दोषी दोनों आरक्षक तत्कालीन टीआई उनकी करनी सजा के लिए मृतक के परिजन हाईकोर्ट से करेगे फरियाद !