जमीन किसी की और मुआवजा किसी और को

प्रतापपुर।मुआवजा के नाम पर फर्जीवाड़े का यह मामला सामने आया है महान तीन कोयला खदान में जहाँ पर एसईसीएल भटगांव ने फर्जी व्यक्ति को करीब चौदह लाख का भुगतान कर दिया है।पीड़ित ने पटवारी सहित अन्य पर फर्जी दसतावेज तैयार कर यह कारनामा करने का आरोप लगाया है,अधिकारियों के साथ एसईसीएल के समक्ष न्याय की गुहार लगा थक चुके पीड़ित ने अब प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री से न्याय दिलाने की मांग की है गौरतलब है कि प्रतापपुर तहसील के जगन्नाथपुर व पम्पापुर के साथ बलरामपुर जिला व राजपुर प्रतापपुर तहसील के चौरा व परसवारकला को मिलाकर महान तीन कोयला खदान प्रस्तावित है जिसे प्रारम्भ करने शुरुवाती कार्य प्रारम्भ हो गया हैं तथा इन चार गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों को करोड़ों का मुआवजा भी बांटा गया है,इसी मुआवजे में फर्जीवाड़े की बातें सामने आती रहती हैं, इसी तरह के फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है जिसमें जमीन का मालिक तो कोई और है लेकिन एसईसीएल ने करीब चौदह लाख का मुआवजा किसी और को दे दिया।मिली जानकारी के अनुसार सुमन्त राम निवासी सिलफिली ने 2005 में बलरामपुर जिले के राजपुर तहसील के चौरा में नामिक साय गोंड़ से खसरा नम्बर 219 रकबा करीब 1 एकड़ 75 डिसमिल जमीन खरीदी थी जिसका नामान्तरण व अन्य दस्तावेज भी पूर्ण हो गए हैं।उसकी यह जमीन महान 3 कोयला खदान में फंसी थी और उसे इसका मुआवजा व नौकरी मिलनी थी लेकिन मुआवजा उसे न मिल जमीन बेचने वाले नामिक को एसईसीएल ने दे दिया।जब सुमन्त को इसकी जानकारी लगी तो उसने सूचना के अधिकार से जानकारी निकाली,जानकारी देते हुए उसने बताया कि इस गांव में महान 3 कोयला खदान प्रस्तावित होने के बाद विक्रेता नामिक ने पटवारी अमृत धुर्वे व उसके दामाद विमल कुमार ने आपस में मिलीभगत कर दस्तवेज़ों के साथ छेड़छाड़ कर मुआवजा खुद के नाम से बनवा लिया जो करीब चौदह लाख रुपये है।जबकि जब एसईसीएल जमीन का अधिग्रहण कर रहा था तब इस सम्बन्धी सूचना उसके पास आई थी जिसके बाद उसने जमीन के दस्तावेज एसईसीएल के पास जमा किये थे।पीड़ित सुमन्त ने जानकारी देते हुए बताया कि मुआवजा के साथ वह नौकरी का भी हकदार है लेकिन उसे कहीं से न्याय नहीं मिल रहा है जबकि उसने मामले की शिकायत कलेक्टर,एसपी,एसडीएम सहित अन्य उच्च अधिकारियों के साथ एसईसीएल को भी की है,अब पीड़ित ने मामले की शिकायत प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह करते हुए न्याय दिलाने के साथ समस्त दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है,मामले में पीड़ित ने एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के साथ राजपुर प्रतापपुर तहसील के अधिकारी कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई है लोगो ने बताया कि कई और ऐसे मामले है जिसमे प्रतापपुर तहसील में नकल निकालने पर नकल नही मिल पा रही है

भ्रस्टाचार काअड्डा बना राजस्व विभाग

प्रतापपुर आर आई रामु राम एवम पटवारी बालचन्द राजवाड़े की लोगो एवम ग्रामवासियों द्वारा कई बार सिकायत उच्च अधिकारियों से अवैध उगाही एवम तहसीलदार के आदेश के बाद भी कई महीने बीत जाने के बाद भी बिना पैसा लिए काम न करने का आरोप लगाया था जिस पर कई लोगो के जांच प्रतिवेदन में आर आई रामु राम ने अपने बचाओ में बेक डेट में पालन प्रतिवेदन देकर पटवारी बालचंद पर गलत तरीके से काम करने का गंभीर आरोप लगाया है