नहीं थम रहा है किसानो का आत्महत्या

पेंड्रा– गौरेला थानाक्षेत्र के पिपरिया गांव में रहने वाले किसान ने  फांसी लगाकर आत्महत्या  कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लिया।मृतक के परिजनों ने किसान के आत्महत्या के पीछे सहकारी बैंक से लिए गए कर्ज को पटाने का दबाव और बार बार बैंक के नोटिस से परेशान होकर फांसी लगाये जाने की बात कही है।वही पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुट गई है।

दरअसल किसान सुरेश मराबी पिता निरंजन सिंह गौरेला थानाक्षेत्र के पिपरिया गांव का रहने वाला है और उसका ससुराल पेंड्रा के कुदरी गांव में है जहा वह कुछ दिनों से रह रहा था, बीती रात कमरे में  फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया,ससुराल वाले काफी समय तक समझ नही पाये पर अंदर से कोई आहट नही मिलने पर अंदर देखा तो सुरेश का शव फांसी के फंदे में झूल रहा था। जिसके बाद घटना की जानकारी आसपास के लोगों को दी गयी।

1 लाख 12 हजार का कर्ज,सुखा मुआवजा राशी 13 हजार रूपये मात्र 

सुरेश की 4 बेटियां और पत्नी,दो छोटे भाई,और माँ है उनकी पत्नी भागमती मराबी और भाई मोहन मराबी ने भाई सुरेश के आत्महत्या किये जाने का कारण किसान सेवा सहकारी समिति लरकेनी समिति से 120000 रुपए कर्ज लिया था. परंतु पिछले 4 सालों में यह कर्जा बढ़कर लगभग 170000 हो गया था कर्ज में लिए जाने की बात बतलाई और क्षेत्र में लगातार पिछले 4 सालों से पड़ रहे सूखा,और मुआवजा भी नही मिलने और बार बार बैंक का नोटिस आने के चलते मानसिक रूप से परेशान था, साथ ही शासन द्वारा दिये सूखा राशि 13000 रुपये का भुगतान के लिए बार बार बैंक का चक्कर लगा रहा था परन्तु 15 दिनों से चक्कर लगा कर किसान सुरेश काफी परेशान हो गया था वही कर्ज के बोझ से एक बार पहले भी सुरेश ने आत्महत्या करने की कोशिश की पर 4 बेटियों के होने और परिवार के समझाने से समझ गया था पर अंदर ही अंदर सुरेश काफी परेशान था।और आखिरकार  हताश होकर अपने ससुराल में मौका पाकर आत्महत्या कर लिया! पेंड्रा पुलिस शव को अपने कब्जे में ले मर्ग कायम कर शव का पंचनामा कार्यवाही उपरांत शव को परिजनों को सोप दिया ।वही मामले में अब तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मृतक के गांव नही पहुचा!