आखिरकार सूरजपुर एसपी साहब का हुआ तबादला…पुलिस विभाग मे ख़ुशी की लहर…विभाग मे मीठा बाटकर जाहिर की गई खुशिया…

राजेश सोनी

सूरजपुर-लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सूरजपुर एसपी गिरजा शंकर जायसवाल का हुआ तबादला,जिससे पुलिस विभाग मे मिठाई वितरण कर खुशिया जाहिर की गई,तो वही एसपी साहब के खास शुभचिंतको मे भारी निराशा व्याप्त है।

लंबी अटकलों के बाद आखिरकार छत्तीसगढ़ सरकार ने फैसला ले ही लिया और विवादों से घिरे सूरजपुर एसपी गिरिजाशंकर जायसवाल को सेनानी 13वी वाहिनी कोरबा भेज दिया गया है। सूरजपुर एसपी से कई तरह के आस लगाए हुए बैठे लोगों के लिए जरूर यह बुरी खबर हो सकती है, पर छत्तीसगढ़ सरकार लगातार यह कोशिश कर रही है कि पुलिस विभाग में हो रहे अनैतिक कार्यों को कैसे जल्द से जल्द बदला जा सकता है।

गौरतलब है कि सूरजपुर क्षेत्र मे एसपी गिरजा शकर जायसवाल की कार्य-कलाप की क्षेत्र वासियो के साथ खुद पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारियो मे असंतोष व्याप्त था। ऐसे बहुत सारे कर्तव्य निष्ठ अधिकारी कर्मचारी उनके कार्यकाल मे प्रताडित रहे,सरकार बदलने के बाद साहब का तबादला ना होना खुद पुलिस विभाग हैरान परेशान रहा अब जाकर सूरजपुर एसपी का तबादला होने पर पुलिस लाईन मे विभाग अपने स्तर पर खुशी जाहिर की साथ ही जमकर मिठाईयो का दौर चला। अगर पुलिस अधिक्षक गिरजा शंकर जायसवाल की कार्यकाल की बात करे तो विवादो से परिपुर्ण रहा,इनकी खुद के विभाग मे अधिकारी कर्मचारियो मे असंतोष नाराजगी देखने को मिला| पुरे कार्यकाल के दौरान पहली बार किसी एसपी की तबादला की पुलिस विभाग मे खुशिया देखा गया तो जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि साहब कितने दुध और पानी है। बात करे पुुलिस के संरक्षण मे चलने वाले अवैध कारोबार की साहब के कार्यकाल मे अपराधी बेखौफ खुलकर कारोबार करते आये अगर कोई पुलिस वाला गलती से जुये के फड मे चला जाये तो उसे लाईन हाजिर कर दिया जाता रहा,अवैध कोयला तस्करी,कबाड सहित नषीली दवाईयो का अवैध कारोबार,साहब के राज मे जमकर फलफुल रहा। क्या मजाल कि कोई पत्रकार समाचार लिखे अगर लिख भी दिया तो कप्तान साहब के संरक्षण मे फलफुलने वाले काबाड तस्कर पत्रकार का अपहरण कर मारपीट कर अधमरा होते तक मारा जाता है साथ ही आदिवासी नाबलिक लडकी को सामने लाकर छेडछाड सहित पास्को एक्ट का मामला दर्ज करवा दिया जाता है|लिहाजा जो अब तक किसी कार्यकाल मे नही हुआ वह जायसवाल साहब के कार्यकाल मे देखने को मिला|अपराधिक तत्व के पुलिस अधिकारियो को संरक्षण के साथ गजब का तालमेल देखने सुनने को मिला,हावालत मे मौत की बात हो या क्राईम ब्राच की करतुतो की साहब की जमकर चर्चे व्याप्त है, अगर कुछ ईज्जत बचा तो उनकी ही पुलिस के आरक्षक राजेश पटेल खोलकर रख दिया था।


पिछले दिनो सरगुजा आईजी सहित मुख्यमंत्री बघेल को दिये आवेदन मे समाजिक कार्यकर्ता राजवंती राजवाडे ने सूरजपुर पुलिस अधिक्षक गिरजा शंकर जायसवाल पर पांच बिन्दु का गंभीर आरोप लगाते हुये उनको कठघडे मे खडा कर दिया है, जिसमे बताया गया है कि पुलिस लाईन मे बने क्वार्टरस के लिये 25 हजार आरक्षको से लेने की बात, उनके खुद के रिश्तेदार साले के खिलाफ गांजा का प्रकरण केल्हारी थाना कोरिया मे 2015 मे दर्ज है और साथ ही उक्त मामले को पाक साफ करने के लिये जशपुर मे फर्जी वाहन चोरी की रिपोट दर्ज करना सहित एसपी साहब की पत्नी डाक्टर स्मृति जायसवाल पर उगली उठाते हुये बताया गया कि किस तरह वह सरकार का पैसा ठकार रही है घर मे बैठे बैठे]जबकि उनकी नियुक्ति सविदा डाक्टर के पद पर जिला अस्पताल में की गई है।शिकायत में तमाम तरह का आरोप लगाते हुये कठोर से कठोर कार्यवाही की बात कही है।

एक बार फिर से क्षेत्रवासियो मे सूरजपुर के नए एसपी राजेश कुकरेजा से आस लगाए हुए है साथ ही वह आरक्षक जिसकी स्कार्पियो वाहन चोरी हो गई थी पर आज दिनांक तक कोई पता नहीं चला। और अंत में उन चहेतों का क्या होगा जो एसपी गिरजा शंकर जायसवाल के खास हुआ करते थे? क्या नए एसपी के भी खास बन जाएंगे? या फिर उनके ऊपर कार्यवाहीयों का दौर शुरू होगा? यह आगामी दिवस में देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा।