बिहारपुर अस्पताल में दवा नही , सर्प डसने से एक बच्चे की मौत का मामला परिजनों ने लगाया दवाई नही होने का आरोप …

पप्पू जायसवाल

बिहारपुर ।सूरजपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहार पुर के ग्राम कछवारी मे एक स्कूली छात्र के सांप के डसने से मौत हो गई प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कछवारी में छात्र रात को खाना खा पीकर अपने परिवार वालों के साथ सोया था तभी अचानक 3:00 बजे भोर में छात्र को सांप काट लिया सांप के तुरंत काटने के बाद परिवार वालों ने 108 नंबर पर डायल किया लेकिन 108 एंबुलेंस घटनास्थल पर नहीं पहुँचा उसके बाद परिवार वालों ने आनन-फानन में अपना निजी वाहन का व्यवस्था कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहार पुर में ले गए लेकिन वहां सर्प दंश का टीका नहीं होने के कारण
इलाज नहीं हो सका और इलाज के लिए जिला सिंगरौली बैढ़न ले गए जहां पहुंचते ही जिला अस्पताल में छात्र की मौत हो गई

छात्र शासकीय प्राथमिक शाला कछवारी में अध्ययन करता था वह कक्षा दूसरी में पढ़ता था

छात्र की मौत से पूरा परिवार सदमे में हैं ज्ञातव्य हो कि छात्र का पिता भी जेल में है वह उसके माता की भी दिमागी हालत ठीक नहीं है ऐसे हालत में बच्चे की क्रिया कर्म वह मुखाग्नि मे भी परेशानी है

अगर सही समय पर 108 एंबुलेंस पहुंचता तो बच्चे की बच सकती थी जान

अगर सही समय पर 108 घटनास्थल पर पहुंचता तो बच्चे की जान बच सकती थी क्योंकि घटनास्थल से लेकर बैठक की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है वह निजी वाहन खोजने में समय भी बहुत लग जाता है अगर सही समय पर 108 एंबुलेंस पहुंच जाता तो छात्र बेमौत काल के गाल में ना समाता
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्प दंष का टीका होने से भी बच सकती थी बच्चे की जान

अगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिहार पुर में सर्पदंश का टीका उपलब्ध होता तब भी बच्चे की जान बच सकती थी क्योंकि ग्राम कछवारी से बिहार पुर की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है वह वहां समय पर पहुंच भी गए थे लेकिन लेकिन सर्पदंश का टीका ना होने के कारण बिहार पुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज नहीं हो सका वह वहां से वर्णन की दूरी 40 किलोमीटर है जहां तक जाते-जाते बच्चे की मौत हो गई

बिहार पुर क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है इस तरह से अनेकों घटनाएं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सही व्यवस्था ना होने एवं 108 उपलब्ध ना होने के कारण प्रतिदिन घटनाएं होती रहती हैं लेकिन इस और अभी तक प्रशासन का ध्यान नहीं गया है जिसके वजह से बेवजह लोग काल के गाल में समा रहे हैं

के डसने से हुई छात्र की मौत

सूरजपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहार पुर के ग्राम कछवारी मे एक स्कूली छात्र के सांप के डसने से मौत हो गई प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कछवारी में छात्र रात को खाना खा पीकर अपने परिवार वालों के साथ सोया था तभी अचानक 3:00 बजे भोर में छात्र को सांप काट लिया सांप के तुरंत काटने के बाद परिवार वालों ने 108 नंबर पर डायल किया लेकिन 108 एंबुलेंस घटनास्थल पर नहीं पहुँचा उसके बाद परिवार वालों ने आनन-फानन में अपना निजी वाहन का व्यवस्था कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहार पुर में ले गए लेकिन वहां सर्प दंश का टीका नहीं होने के कारण
इलाज नहीं हो सका और इलाज के लिए जिला सिंगरौली बैढ़न ले गए जहां पहुंचते ही जिला अस्पताल में छात्र की मौत हो गई

छात्र शासकीय प्राथमिक शाला कछवारी में अध्ययन करता था वह कक्षा दूसरी में पढ़ता था

छात्र की मौत से पूरा परिवार सदमे में हैं ज्ञातव्य हो कि छात्र का पिता भी जेल में है वह उसके माता की भी दिमागी हालत ठीक नहीं है ऐसे हालत में बच्चे की क्रिया कर्म वह मुखाग्नि मे भी परेशानी है

अगर सही समय पर 108 एंबुलेंस पहुंचता तो बच्चे की बच सकती थी जान

अगर सही समय पर 108 घटनास्थल पर पहुंचता तो बच्चे की जान बच सकती थी क्योंकि घटनास्थल से लेकर बैठक की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है वह निजी वाहन खोजने में समय भी बहुत लग जाता है अगर सही समय पर 108 एंबुलेंस पहुंच जाता तो छात्र बेमौत काल के गाल में ना समाता
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्प दंष का टीका होने से भी बच सकती थी बच्चे की जान

अगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिहार पुर में सर्पदंश का टीका उपलब्ध होता तब भी बच्चे की जान बच सकती थी क्योंकि ग्राम कछवारी से बिहार पुर की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है वह वहां समय पर पहुंच भी गए थे लेकिन लेकिन सर्पदंश का टीका ना होने के कारण बिहार पुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज नहीं हो सका वह वहां से वर्णन की दूरी 40 किलोमीटर है जहां तक जाते-जाते बच्चे की मौत हो गई

बिहार पुर क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है इस तरह से अनेकों घटनाएं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सही व्यवस्था ना होने एवं 108 उपलब्ध ना होने के कारण प्रतिदिन घटनाएं होती रहती हैं लेकिन इस और अभी तक प्रशासन का ध्यान नहीं गया है जिसके वजह से बेवजह लोग काल के गाल में समा रहे हैं