महात्मा गांधी की 150वीं जयंती 02 अक्टूबर के अवसर पर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का शुभारंभ… गर्भवती महिलाओं को सुपोषित थाली आहार का किया गया वितरण…

राजेश सोनी

सूरजपुर- राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती के अवसर पर जिला पंचायत के अध्यक्ष अशोक जगते एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अश्वनी देवांगन की उपस्थिति में सूरजपुर जिले के ग्राम बतरा में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का शुभारंभ महात्मा गांधी जी की छायाचित्र पर माल्र्यापण एवं दीप जलाकर किया गया। जिसमें शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के कुपोषित एवं एनीमिया पीड़ित बच्चों तथा 15 वर्ष से 49 वर्ष आयु की एनीमिया पीड़ित महिलाओं को कुपोषण एवं एनीमिया से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत् सुपोषित थाली आहार का वितरण किया गया। इस अभियान की शुरूआत जनसहयोग (जनप्रतिनिधि, स्थानीय गणमान्य नागरिक, स्वयं सेवी संस्था एवं स्व सहायता समूह के सदस्य तथा समाज के प्रतिष्ठित लोगों) के साथ किया गया। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत सुपोषण के क्षेत्र में जागरुकता लाने के लिए छात्रों एवं ग्रामीणजनों के द्वारा सत्याग्रह यात्रा रैली निकाली गई। इस रैली के माध्यम से महात्मा गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचा कर गली, मोहल्ला, पारा, गांव में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक किया जायेगा। मुख्य अतिथि एवं अधिकारियों के द्वारा स्वच्छता ही सेवा सिंगल यूज प्लास्टिक बंद करें एवं कुष्ठ जन जागरुकता कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए हरी झण्डी दिखाकर रथ रवाना किया गया।


शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि ने उपस्थित जनो को संबोधित करते हुए कहा यह दिन हमारे लिए बहुत ही खास है क्योकि यह शुभारंभ गांधी जयंती के अवसर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने आप में ही पहले जागरुकता लाने की आवश्यकता है। हमे खुद तय करना है कि कचरा को कहा फेकना है प्रत्येक जन को स्वच्छता के प्रति सोच को बडी करनी होगी, सभी कचरे को निश्चित जगह में फेकने के लिए सुनिश्चित करें जिससे की गांधी जी के स्वच्छ भारत का सपना निश्चित ही सफल होगा।
ज्ञात हो कि राज्य के लगभग 35 प्रतिशत छोटे बच्चे कुपोषण से तथा 15 से 49 वर्ष की महिलाएं 41.50 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित है, हमारे राज्य से कुपोषण एवं एनीमिया को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया गया है संपूर्ण राज्य में यह महायज्ञ 02 अक्टूबर से प्रारंभ किया जा रहा है जिसके तहत् जिले के ग्राम बतरा में सुपोषण अभियान का प्रारंभ किया गया। इस योजना के अंतर्गत जिले के शत-प्रतिशत कुपोषित एवं एनीमिया पीड़ितों को उनकी रुचि एवं शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरुप निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की जायेगी, जिसमें पीड़ितों को सोमवार को रोस्टेड चना एवं गुड, मंगलवार रोस्टेड मूंगफली गुड, बुधवार अण्डा एवं केला, गुरुवार को मूंगफली चिक्की और शुक्रवार को गेहूं, दलिया गुड, शनिवार को बेसन लडडू, केला एवं रविवार को अण्डा एवं दूध दिया जायेगा।


इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 27 गर्भवती महिलाओं को सुपोषित पोषण आहार थाली देकर अच्छे स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी गई। शिविर में वजन त्यौहार मनाने के साथ-साथ चिन्हांकित हितग्राहियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से दिये जा रहे पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के बच्चों, किशोरी बालिकाओं एवं गर्भवती तथा शिशुवती माताओं में व्याप्त कुपोषण एवं एनीमिया से संबधित जानकारी देने और उनमें जागरूकता बढ़ाने हेतु पौष्टिक आहार तत्वों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम के दौरान आकर्षक रंगोली, चित्रकला, खेल, रैली आदि प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनों को मुख्य अतिथि के द्वारा छत्त्तीसगढ़ राज्य को कुपोषण एवं एनीमिया से मुक्त कराने के लिये शपथ लेकर संकल्प दिलाया गया जिसमें स्वयं एवं अपने परिवार के नियमित आहार में अधिक कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन एवं लौह तत्व युक्त खाद्य सामग्री, सब्जी, भाजी को शामिल करने तथा अपने संपर्क में आने वाले लोगों एवं परिवारों को सुपोषित रहने के लिये प्रेरित करने सभी संकल्पबद्ध हुए। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी/कर्मचारी, गणमान्य नागरिक, छात्र/छात्राएं, आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सहायिका सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।