स्वच्छता हर एक की पहली और प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिये… “स्वच्छता ही सेवा” कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया छात्र एवं छात्राओ ने… फील्ड आउटरीच ब्यूरो अंबिकापुर, सूचना एवम प्रसारण मंत्रालय का आयोजन….

राजेश सोनी

सूरजपुर-भारत सरकार,सूचना एवम प्रसारण मंत्रालय के फील्ड आउटरीच ब्यूरो अंबिकापुर द्वारा सूरजपुर जिले के सिलफिली ग्राम  में”स्वच्छता ही सेवा” सिंगल उपयोग प्लास्टिक मुक्त भारत , गाँधी जी की 150वी जयंती के अंतर्गत एक दिवसीय विशेष जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया |कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थानीय जन प्रतिनिधि श्री नरेन्द्र यादव ,श्री रमेश कुशवाहा ,व्यखायता श्री सत्यम बाला जी , व्याख्याता श्री मति विनीता यादव ,एवं बहुतायत संख्या में छात्र –छात्राए उपस्थित रहे | कार्यक्रम का संचालय कर रहे ब्यूरो प्रभारी हिमांशु सोनी ने सिंगल उपयोग प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने के लिए लोगो को बताते हुए कहा की बेहद कम खर्चे पर बनने वाले यह प्लास्टिक उत्पाद बहुत ज्यादा खतरनाक रसायन लिये होते हैं जिसका बुरा प्रभाव इंसान और पर्यावरण के स्वास्थ्य पर पड़ता है। यही नहीं इस सिंगल यूज प्लास्टिक के कचरे की सफाई पर होने वाला खर्च भी बहुत आता है। वो इसलिए कि आप जिस पन्नी में सब्जी खरीद कर लाते हैं वह आसानी से फट तो जाती है लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होती। जब इस सिंगल यूज प्लास्टिक को जमीन के अंदर दबाकर नष्ट करने की कोशिश की जाती है तो यह नष्ट होने की बजाय छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाता है और विषैला रसायन पैदा कर भूमि की उर्वरक क्षमता को नुकसान पहुँचाता है। मिट्टी में घुलमिल चुका यह विषैला रसायन जैसे ही खाद्य पदार्थों और पानी में पहुँचता तो उससे मानव के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। आपने कई जगह पढ़ा होगा, देखा-सुना होगा कि कैंसर जैसी बीमारी फैलती जा रही है। आपको आश्चर्य तब होता होगा जब आप देखते होंगे कि बहुत सफाई से रहने वाले और कोई गलत आदत नहीं पालने वाले व्यक्ति कैंसर जैसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। मन में सवाल आता होगा कि वह तंबाकू या गुटखा तो खाता नहीं था फिर ऐसा क्यों हो गया। तो इसका जवाब है वह विष जो हमारी धरती, हमारे पाने, हमारे खाद्य उत्पादों में धीरे-धीरे फैलता जा रहा है। इसे जहर को खत्म करना है तो सिंगल यूज प्लास्टिक के विरोध में उठ खड़ा होना होगा

व्याख्याता श्री सत्यम बाला जी ने भी छात्रों को स्वच्छता अपनाने के बारे में बताते हुए कहा की  की स्वच्छता हर एक की पहली और प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिये। सभी को येसमझना चाहिये कि खाने और पानी की तरह ही स्वच्छता भी बेहद आवश्यक है।बल्कि, हमें स्वच्छता को खाने और पानी से ज्यादा प्राथमिकता देनी चाहिये।हम केवल तभी स्वस्थ रह सकते है जब हम सब कुछ बहुत सफाई और स्वास्थ्यकरतरीके से लें। बचपन सभी के जीवन का सबसे अच्छा समय होता है जिसके दौरानस्वच्छता की आदत में कुशल हो सकते है | हम सब के स्वस्थजीवन के लिये इस अभियान में हमें मिलकर भाग लेना चाहिये।इसकी शुरुआत घरों, स्कूलों, कालेजों, समुदायों, कार्यालयों, संस्थानोंसे हो जिससे कि देश में व्यापक स्तर पर स्वच्छ भारत क्रांति हो। हमें खुदको, घर, अपने आसपास, समाज, समुदाय, शहर, उद्यान और पर्यावरण आदि को रोजस्वच्छ रखने की जरुरत है। हम सभी को स्वच्छता का ध्येय, महत्व तथा जरुरत कोसमझना चाहिये और इसे अपने दैनिक जीवन में लागू करना चाहिये।

                  कार्यक्रम के दौरान  चित्रकला,मेहंदी,रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमे बच्चो ने बड़े ही सुन्दर चित्रों के माध्यम से स्वछता अपनाने के लिए सन्देश दिया |चित्रकला में कु.सागेरिका पाल ,रंगोली में रानी सिंह,मेहंदी में खुशबू सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया साथ ही एक प्रस्नोत्तरी मंच का भी आयोजन किया गया जिसमे ब्यूरो प्रभारी द्वारा योजनाओं से सम्बंधित सवाल पूछे जिसमे छात्र छात्रोंओं  ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया  और सही जवाब देने वाले को तत्काल मंच पर पुरस्कृत भी किया गया  |