मंगल भवन बना अमंगल…7 वर्षो से अधुरा पडे मंगल भवन बनने से पहले हुआ खण्डहर मे तब्दील…शराबखोरी नशेडियो का बना अडडा…पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के घर के है सामने है मंगल भवन….

राजेश सोनी

सूरजपुर-सूरजपुर के वार्ड क्रमांक 16-17 बडकापारा के मंगल भवन का क्या कहना जब से यह मंगल भवन बनना शुरु हुआ तभी से मंगल भवन को अमंगल का दाग लगा हुआ है|कभी प्राकलन तो कभी तकनीकि खामियो कारण विगत 7 वर्षो से अधुरा पडे मंगल भवन खण्डर मे तब्दील हो गया है इसके अधुरे निर्माण कार्य का रास्ता साफ होने का नाम नही ले रहा है।

प्राकलन व तकनीकि खामियाजा का दंश झेल रहा यह मंगल भवन को अमंगल का ग्रहण लगा हुआ है दिनांक 26.12.2012 की स्वीकृत 25लाख 62 हजार रुपये की लागत से बनने वाले मंगल भवन 7 वर्षो से अधुरा पडा हुआ है जिससे मंगल भवन खण्डहर मे तब्दील हो गया है|गौरतलब है कि अन्य नगरीय निकायो के साथ साथ सूरजपुर मे भी सामुदायिक मंगल भवन की स्वीकृत प्रदान किया गया था साथ ही बकायदा निविदा आमंत्रित कर कार्य शुरु करा दिया था|प्राकलन डिजाईन और तकनीकि आवश्यकता मे खामिया के कारण ठेकेदार ने निचले तल का कार्य करने के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया। इसी बीच नगर पालिका परिषद के तीन से चार सीएमओ आये और गये फिर भी आज तक मंगल भवन का निर्माण आधा अधुरा है। भवन के अंदर पेड पौधे उग आये है साथ ही गाय बैलो का जमावडा होने से यह भवन पूर्ण होने से खण्डर मे तब्दील हो चला है। जिससे यहा पर शराब खोरी और नशेडियो का अडडा बन गया है,लिहाजा अब इसे फिर बनाने की कवादत किया जा रहा है। सबसे बडी बात यह है कि पूर्व ठेकेदार पर बिना कार्यवाही किये फिर से रिडेन्डर किया गया दिनांक 16 फरवरी 2019 को इस भवन का 14 लाख 6 हजार का रिटेन्डर किया गया। कब यह मंगलभवन पुर्ण होगा जिससे इसके बनाने के पीछे का उददेश्य पुरा हो सके, जहा पर सांस्कृतिक समाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रमो का आयोजन हो सके।

जैसे ही इसकी जानकारी मुझे लगी तो मै नगरीय निकाय के क्षेत्रिय कार्यालय अम्बिकापुर को अवगत कराते हुये निष्पक्ष कार्यवाही की मांग की थी। लेकिन उच्चधिकारियो के द्वारा कोई कार्यवाही नही किया गया।

घनश्याम शर्मा,पूर्व सीएमओ सूरजपुर

उक्त टेन्डर को मे श्याम बाबा कन्टृशन सूरजपुर के द्वारा किया गया था लेकिन कार्या के प्रति ठेकेदार ने रुचि नही दिखाई जाने पर क्षेत्रिय कार्यालय से ठेकेदार पर कार्यवाही करने कहा गया था। वही 16 फरवरी को 16 लाख 6 हजार का रिटेन्डर किया गया।

थलेश्वर साहु पूर्व नपाध्यक्ष