सक्षम सूरजपुर की दास्ताँन….जिला मुख्यालय में अधिकारी रहते नही…अन्य जिले से आते है…आदेश की कर रहे अवेहलना…..

राजेश सोनी

सूरजपुर- छत्तीसगढ़ शासन के साथ जिला प्रशासन का स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी अधिकारी और कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगा, लेकिन सूरजपुर जिले के शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारी और कर्मचारी ही मुख्यालय में न रहकर इस आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तो यह दिखाने के लिए कि हम मुख्यालय में निवास करते हैं,अपने नाम पर जिला मुख्यालय में स्थित ट्रांजिट हॉस्टल में कमरा एलॉट करवा लिया है, लेकिन ये सभी अधिकारी सरगुजा जिले से प्रतिदिन आना-जाना करते है। जिले में पदस्थ शिक्षा विभाग के बहुत शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी मुख्यालय में न रहकर अपने गृह जिले सरगुजा और कोरिया जिले से प्रतिदिन विद्यालय और कार्यालयों में आना -जाना करते हैं| लेकिन इन कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही नहीं, क्योंकि अधिकारी स्वयं ही मुख्यालय में नहीं रहते हैं, तो इनके ऊपर कार्यवाही करें कौन ? दूसरी ओर कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण विगत 3 और 4 अप्रैल को छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार समस्त शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को घर-घर जाकर 40 दिनों की मध्याह्न भोजन का सूखा खाद्यान्न सामग्री का वितरण करने हेतु निर्देश दिया गया था। शिक्षा विभाग ने यह दावा किया कि सूरजपुर जिले के सभी विकासखण्डों में शिक्षकों द्वारा बच्चों के घर-घर जाकर मध्याह्न भोजन की सूखी खाद्यान्न सामग्री पहुँचाया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सूरजपुर के.सी.साहू ने कई प्रधानपाठकों को विद्यालय में बच्चों को बुलाकर खाद्यान्न सामग्री बांटते के कारण अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हेतु नोटिस जारी किया हैं। शिक्षा विभाग की ये कैसी मॉनिटरिंग हैं कि एक ओर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मिशन समन्वयक घर-घर मध्याह्न भोजन की सूखी सामग्री वितरण का दावा कर रहे है तो दूसरी ओर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सूरजपुर विद्यालय में ही खाद्यान्न बांटने के कारण प्रधानपाठकों को नोटिस जारी कर रहे हैं|
 विचारणीय प्रश्न यह है कि कोरोना वायरस जैसी गंभीर समस्या को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन द्वारा किसी भी व्यक्ति का दूसरे जिले में आवागमन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया हैं, इसके बाद भी शिक्षा विभाग के ये अधिकारी – कर्मचारी दूसरे जिलों से आना-जाना कर रहें हैं। दूसरे जिले से आकर मध्याह्न भोजन की सूखी खाद्यान्न सामग्री बांटने वाला कोई शिक्षक कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ और बच्चे या पालक इनसे संक्रमित हुए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ?