बिहारपुर अस्पताल में नहीं मिला इलाज…. बैढ़न में जच्चा बच्चा दोनों की मौत….

राजेश सोनी
सूरजपुर- काला पानी के नाम से मशहूर सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम विशालपुर में एक प्रसव पीड़ित महिला को बिहारपुर अस्पताल ले जाया गया । लेकिन यहां कोई व्यवस्था न होने से उसे मध्यप्रदेश के बैढ़न जाना पड़ा और तमाम कोशिशों के बावजूद जच्चा बच्चा दोनो की मौत हो गई है। विशालपुर के अम्बिका प्रसाद ने भैयाथान एसडीएम को इसकी शिकायत की है। अम्बिका प्रसाद का आरोप है कि वह अपनी पत्नी 30 वर्षीय उर्मिला को 16 जुलाई को प्रसव पीड़ा की शिकायत पर बिहारपुर चांदनी स्थित अस्पताल ले गया था। जहां उसे एक घंटे रखने के बाद बाहर ले जाने को कह दिया गया। इसके बाद वह अपनी पत्नी को बैढ़न लेकर गया जहां आपरेशन के बाद मृत बच्ची पैदा हुई। इधर बच्चा जनने के बाद उर्मिला की तबीयत बिगड़ गई और बैढ़न के अस्पताल प्रबंधन ने भी हाथ खड़े कर लिए तथा उर्मिला को रीवां ले जाने की सलाह दी। लेकिन जब तक रीवां ले जाने की व्यवस्था कर पाता तब तक मेरी पत्नी की मौत हो चुकी थी। बैढ़न अस्पताल प्रबंधन ने बगैर किसी पोस्टमार्टम के मेरी पत्नी का शव मुझे सौंप दिया गया। अम्बिका ने उक्त मामले की जांच के उपरांत आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग की है।
इलाके में बदहाल है स्वास्थ्य सुविधाएं……
इस तरह की पहले भी कई घटनाएं हो चुकी है लेकिन इसके बाद भी प्रसव की मुक्कमल व्यवस्था नहीं की जा रही। सबसे दुर्भाग्यजनक स्थिति ओड़गी ब्लाक के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र की है। यह इलाका जिला मुख्यालय से सवा सौ किमी तो ब्लाक मुख्यालय से इसकी दूरी करीब 80 किमी के आसपास है। मामूली बीमारी पर भी मध्यप्रदेश जाना पड़ता है। जहां लाखो रूपए खर्च के बाद भी जान बचाना मुश्किल हो जाता है। 8 साल सूरजपुर जिला बने हो गए लेकिन कई कलेक्टर आये और चले गए लेकिन बिहारपुर क्षेत्र का स्वास्थ्य व्यवस्था जस का तस बना हुआ है|झूठे वादे इरादों बयानबाजी के आलावा आज भी इस क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था सिर्फ कागजो मे है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और बया कर रहे है|