पुलिस हिरासत में हुई अधिकारी की मौत….परिजनों ने पुलिस पर टार्चर करने का लगाये आरोप….

राजेश सोनी
सूरजपुर-जिले में पुलिस हिरासत में विदधुत विभाग के जुनियर इंजीनियर की मौत हो गई..हत्या के मामले के शक के आधार पर पुलिस ने हिरासत में लिया था.. परिजनो का कहना है कि पुलिस ने उसकी पिटाई की. जब उसकी तबियत बिगड़ गई तो अस्पताल ले गए. जहा पर इलाज के दौरान मौत हो गई। पूरा मामला सूरजपुर जिले के लटोरी पुलिस चौकी का है जहा पर ग्राम करवां के विद्युत सब स्टेशन परिसर में सोमवार की सुबह एक युवक की सडक पर रक्त से सना शव मिला था। वह रविवार की शाम से लापता था..घटनास्थल जानकारी मिलने पर लटोरी चौकी प्रभारी सुनील सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिलने से हत्या के एंगल से जांच शुरु की गई थी लिहाजा पुलिस ने शक के आधार पर सोमवार को 10 बजे सुबह विद्युत विभाग के जुनियर इंजीनियर पुनम सिह कतलम को हिरासत में लेकर पुलिस चौकी ले गई थी। जिसकी आज अस्पताल में शव मिला.शव में चोट के निशान देखे जाने पर परिजनो पुलिस पर टार्चर कर मारपीट किये जाने का आरोप लगाया जिससे मौत होना बताया ।
पुलिस अधीक्षक ने हिरासत मे मौत की बात को गलत बताया……..
जिले मे बदहाल पुलिस, लचर व्यव्स्था, खुद के अत्याचार जुर्म का बचाव करते हुये पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतक को हिरासत मे नही लिया गया था पुछताछ करने पर उसकी तबियत अचानक बिगडने पर उसे लटोरी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया और उसकी मौत हो गई।
मामले को छुपाने की नापाक कोशिश…….
संबंधितो से बात करने पर अलग अलग बाते सामने आने पर पुलिस की कार्यप्रणाली संदिग्ध बनी हुई है तो वही मृतक इंजीनियर को हिरासत मे लिये जाने की बात मौके पर विद्युत विभाग के लोगो ने किया..विभाग के कर्मचारी मुनेश्वर लकडा ने बताया कि हमारे सामने पुलिस सब स्टेशन में पहुचकर हमारे JE साहब को पकडकर अपने साथ लटोरी पुलिस चौकी ले गई तब तक वे स्वस्थ थे।
पुलिस नहीं ये गुंडे है…..
जिले में जब पुलिस के उच्चधिकारी गुंडों की तरह व्यवहार करे तो छोटे कर्मचारी क्यों पीछे रहे. इस पुरे घटना में चौकी प्रभारी लाठी लेकर मामले की जाँच विवेचना में पहुचे..सड़क छाप गुडे मवाली की तरह पेश आते हुये पुलिसिया रौब दिखाते नजर आये…जानकार सूत्र बताते है कि हत्या के मामले का आरोपी जूनियर इजीनियर को बनाते हुए लाखो रूपये की उगाही की मंशा थी बाकायदा इसकी जानकारी पुलिस के उच्चधिकारियो को थी प्रताड़ना ज्यादा होने पर खेल बिगड़ गया.बहरहाल पुलिस अपने उपर लगे दाग, कलंक को मिटाने की कोशिश में लगी हुई है..दुसरी ओर पुलिस बर्बरता का शिकार हुआ बालौद जिला निवासी करवा गांव में पदस्थ JE की पुलिस हिरासत में मौत की जानकारी मिलने पर बडी संख्या में विद्युत विभाग के साथ ग्रामीण बिश्रामपुर में सड़क पर शव रखकर पुलिस व् सरकार के खिलाफ नारे लगा कर विरोध जताया है|

गुनाहगार तु सबुत चाहता है…कातिल जुल्मी तु सबुत चाहता है…50.100 रुपयो की उगाही करने वाला विभाग…..किस मुह से सबुत मांगता है…..इंसानियत कानुन को तार-तार करने वाले सबुत चाहिये….वर्दी बेचने वाले….तुझे सबुत की जरुरत है….