दिव्यांग महिला का नही बन पा रहा है जरुरी कागजात….आधार कार्ड के लिए हो रही है परेशान….

बिहारपुर- कुदरत की मार झेल रही बैजनपाठ की मनबसिया पंडो को इंसान होने के सबूत जुटाने के लिए भारी जदोजहद करनी पड़ रही है ताकि शासन की योजनाओं का लाभ मिल जाये तो फिर जिंदगी की गाड़ी पटरी पर दौड़ने लगे….? कुछ युवकों की मदद से प्रयास हुआ है, देखना यह है कि कितनी सफलता मिलती है।ओड़गी ब्लॉक के बेजनपाठ पर तमाम सुर्खियों के बाद इनदिनों प्रशासन की नजरें इनायत है।जिससे वहां केम्प लगाकर शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने पहल की जा रही है। लिहाजा शासन की योजना का लाभ लेने 30 वर्षीय मनबसिया पंडो पहुँची तो उसे बताया गया कि उसे अपना आधार कार्ड लाना होगा। दोनों पैरों से द्वियांग महिला जब आधार कार्ड के बिहारपुर के लोकसेवा केंद्र पहुँची तो उसे मतदाता परिचय पत्र लाने को कहा गया। दुर्भाग्य से उसके पास न तो मतदाता परिचय पत्र है और न ही आधार कार्ड..? आज तक गांव में इसकी जरूरत पड़ी नही तो उसने या उसके परिजनों ने बनवाया नही। सरपंच ने गांव की निवासी होने का प्रमाण पत्र दिया है।लोक सेवा केंद्र की इस बेरुखी पर बिहारपुर के कुछ नवजवानों ने जाकर बात की तो उसे सरपंच का पत्र लेकर आने को कहा गया है। देखना यह है कि क्या उसे सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए इंसान होने का सबूत मिल पाता है या नही…?उक्त महिला को बिहारपुर तक आने में कितनी जदोजहद करनी पड़ी यह या तो वही जानती है या फिर उसका पति जिसने कभी गोद मे तो कभी बाइक से लेकर जैसे तैसे पहाड़ से नीचे उतार कर जिंदगी को पटरी में लाने के लिए मशक्कत की है।