तालाब खोदने पर निकला कोयला…..कोल तस्करो की पडी नजर तो हुए मालामाल….

राजेश सोनी
सूरजपुर- जिले में कई ऐसे कोयला के अवैध कोयला खदान संचालित है जहाँ से प्रतिदिन बड़े पैमाने पर कोयला निकाला जा रहा है।जिससे कोल माफिया व पुलिस मालामाल हो रहे जबकि सरकार कंगाल हो रही है।खनिज विभाग भी कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता ही करता दिखाई पड़ता है। बताया जाता है कि जिले के रामानुजनगर व भैयाथान ब्लॉक में कई ऐसे जगह है जहाँ से अवैध रूप से कोयला का उत्खनन किया जा रहा है। रामानुजनगर के राजापुर के गवटिया पारा आजकल ऐसे ही अवैध कोयला खदानों के लिए कोल माफियो के निशाने पर है।यहां से प्रतिदिन बड़े पैमाने पर कोयला की तस्करी हो रही है। जमीन के सतह पर यहां कोयला है और कोल तस्कर ग्रामीणों से ओने पौने दाम पर कोयला खरीद कर आसपास के इटभट्टा में बेच रहे है यही नही बाहर भी कोयला भेजा जा रहा है। बताया जाता है कि जिस नाले के पास यह कोयला का भंडार है वह बेहद खतरनाक है ,लेकिन ग्रामीण चंद रुपयों की लालच में जान जोखिम में डाल कोयला निकालते है।
खेत व तालाब बना काले हीरे का खान
बताया जाता है कि एक खेत मे पानी के लिए तालाब बनाया जा रहा था तभी कुछ ही खुदाई पर काले हीरे का भंडार मिल गया इसी तरह इसी खेत से लगे नाले में भी खेत तक पानी पहुचाने के प्रयास में यह भंडार सामने आ गया और अब यहां से प्रतिदिन कोयला की निकासी कराई जा रही है।रात में बकायदे पानी निकालने की व्यवस्था के बाद कोयला निकालने का कार्य किया जाता है।
कोल तस्करों की नजर
सूत्रों के अनुसार कोल के इस भंडारण पर कोल तस्करों की नजर है। जिसमे रामानुजनगर,विश्रामपुर के कुछ तस्कर स्थानीय तस्करों से मिल कर अफरा तफरी कर रहे है। इस खेल में पुलिस की अनजान है ऐसा नही है बल्कि बकायदे पुलिस का हिस्सा भी बन्धा हुआ है। जिस जगह से कोयले का उत्खनन हो रहा है उक्त भूमि राजस्व की है तो कुछ हिस्सा वनविकास निगम का है।लेकिन दोनों विभाग या तो अनजान है या फिर चुप्पी के लिए उन्हें भी विवश किया गया है।
सरकार को राजस्व का नुकसान
इस अवैध कारोबार से सरकार को राजस्व की बड़ा नुकसान हो रहा है। जबकि तस्कर व पुलिस व खनिज विभाग के अधिकारी कर्मचारी मालामाल हो रहे है। इस सम्बंध में जिला खनिज अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल वे रायपुर में व्यस्त है। आकर इस बाबत कुछ बता पाएंगे।