अदृष्य बिमारी के अदृष्य डाक्टर….अदृष्य इलाज तो वही मरीज है बदहाल…..

राजेश सोनी
सूरजपुर- जिले का कोविड अस्पताल फिर से सुर्खिया में है कोरोना काल में कोरोना की अदृष्य बिमारी का इस अस्पताल में मरीजो को अदृष्य डाक्टर इलाज कर रहे है लाखो रुपये का आईसीयू सहित अन्य संसाधनो का संचालन वही अदृष्य प्रबंधन कर रहा है. जब जिले के नसीब में घुसखोर दागी अधिकारी को जिले की व्यव्स्थाये दी जायेगी तो हालात क्या होगे. बहरहाल मरीजो का मौतो का आकडा के साथ कोरोना संक्रमितो का संख्या बढते जा रहा है. चिकित्सा सुविधा की बात करे अनुभवहीन लापरवाह चिकित्सक को जिले की जिम्मेदारी दी गई हो तो व्यव्स्था बिगडना लाजिम है.फिलहाल कोविड अस्पताल मे है इलाज कराने वाले मरीजो के अनुसार कोविड अस्पताल कैद खाना हो गया है कोरोना संक्रमित एक महिला सोमवार से यहां कोविड अस्पताल में भर्ती थी वह अस्पताल से बाहर आकर कोविड अस्पताल की पोल खो दी. महिला का आरोप है यहां न कोई दवा दी जा रही और न ही कोई सुध ले रहा है एक बार भी डॉक्टर देखने तक नही आते यहाँ तक की पेयजल का कोई इंतजाम नही है. महिला के अनुसार बाथरूम के हालत यह है कि इंसान तो क्या जानवर भी जाने से कतरा जाए ऐसे में तो आदमी यहां बेमौत मारा जाएगा. अस्पताल से बाहर निकल कर सड़क में घूम रही महिला को ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मी समझाने की कोशिश में लगे है पर बेपरवाह अस्पताल प्रबंधन ने कोई सुध नही ली है. इधर दूसरी ओर अनरोखा के एक अन्य महिला की भी यही शिकायत है जिसके पिता कोविड अस्पताल के बाहर लोगो से रो रो कर अपनी पुत्री की व्यथा को सुना रहे है इनका आरोप है कि इनकी पुत्री को संक्रमित होने पर यहां लाया गया है और पिछले चार घण्टे से वह तड़प रही है पर न उसे कोई दवा दी जा रही और नही कोई इलाज किया जा रहा है. जिससे वह बेहद परेशान है वह भी यहां से कही और जाने की बात कह रहे है पर उसे अस्पताल से बाहर भी नही जाने दिया जा रहा. इस सम्बंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आर एस सिंह से बात की गई तो उन्होंने पहले जानकारी नही होने की बात कही और बाद में बताया कि महिला कुछ दिमागी रूप से कमजोर है जिसे होम आइसोलेट कर दिया गया है.
अदृष्य बिमारी में अदृष्य डाक्टर
एक ओर डाक्टरो को भगवान का दर्जा दिया जाता है तो ज्यादातर ऐसे डाक्टर है जो बिना काम करे धन संचित करने में लगे हुये है फिलहाल ऐसे डाक्टरो को कोरोना काल में उनके लिये वरदान साबित हो रहा है कोरोना काल की आड में बडा से बडा गुनाह घपला भ्रष्टृाचार दुध की तरह सफेद करने में लगे है अपनी कमजोरी कमियों को छुपाने के लिए ये डाक्टर किसी को भी पागल या दिमागी कमजोरी होने की बात करने लगे है|

क्रमशः
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