दो बाल विवाह रोके गये….परिजनो ने खुद से उखाडा मंडप….

सूरजपुर. प्रशासन के कड़े रुख के बावजूद लॉकडाउन में कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के दृष्टिगत विवाह की अनुमति नहीं मिलने पर भी लोग चुपचाप अपने नाबालिगों के विवाह संपन्न कराने में जुटे हैं. जिला प्रतापपुर के दूरस्थ ग्राम पहाड़ करवां में बाल-विवाह की सुचना संयुक्त टीम मौके पर पहुच कर बाल विवाह को रोका गया. बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवान ने बताया कि कम उम्र का बालक का विवाह किया जा रहा था ना इसके लिये अनुमति लिया गया. संयुक्त टीम ने परिजनो को समझाइश देने पर विवाह नही करने को राजी हुये. जिसका पंचनामा तैयार किया गया. ग्रामीणों ने उसी गावं में एक और विवाह होना बताये जाने पर संयुक्त टीम विवाह स्थल पर पहुची तो वहा पर मंडप गाड़ने की तैयारी किया जा रहा था परिजनो ने संयुक्त टीम के समक्ष बालिका के बड़ी बहन को खड़ा कर दिया गया और उसी की शादी होना बताया गया.सघन पूछताछ और विवाह के कार्ड एवं शैक्षणिक दस्तावेजों का मिलान करने पर षड्यंत्र का भांडा फूट गया और तब जाकर लड़की बताई कि उसकी छोटी बहन का विवाह हो रहा है. संयुक्त टीम के समक्ष बालिका का 14 वर्ष पाये जाने पर दुल्हा दुल्हन के परिजनो को समझाया गया साथ ही बाल विवाह अधिनियम की जानकारी दिया गया जिससे लड़का पक्ष भी विवाह नहीं करने को राजी हुआ तत्काल परिजनो ने मंडप को उखाड़ दिया गया. बाल विवाह रुकवाने में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल, नायब तहसीलदार श्रीमती रितु राज सिंह, संरक्षण अधिकारी अखिलेश सिंह, विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी अमित भारिया, चैकी प्रभारी केपी चैहान, चिंतामणि सिंह, पटवारी कुलेश्वर सिंह, चाइल्ड लाइन से रमेश साहू, सोमनाथ राजवाड़े, मनोज राय आरक्षक, शक्ति इलेवन इक्का, आरक्षक महिला आरक्षक श्रीमती भुनेश्वरी पैकरा, नगर सैनिक रामाशंकर उपस्थित थे.