कोरोना की दूसरी लहर में मौतों का सिलसिला लगातार जारी…प्रशासन कोरोना से निपटने अपनी जवाबदेही तय नहीं कर पा रही है- भाजपा

व्यवस्था को सुधारने के बजाया हो रही है मनमानी ० रेडक्रास सोसायटी के नाम पर प्रति क्रेशर दो लाख रूपये मांगा जा रहा० पुलिस का रवैया भी कांग्रेस के एजेंट की तरह०कोयला कबाड़, रेत के अवैध कारोबार को पुलिस प्रशासन का संरक्षण०जिले की अव्यव्स्थाओ के खिलाफ भाजपा ने सौपा ज्ञापन…

सूरजपुर. कोविड महामारी के संक्रमण काल में जिला प्रशासन व पुलिस की मनमानी के खिलाफ भाजपा ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपते हुये आरोप लगाया है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में जिला पूरी तरह संक्रमण के चपेट में है. तो वही चिकित्सा व्यवस्था को हाथो हाथ लेते हुये कोविड मरीजों का उपचार ठीक से नहीं मिलना बताते हुये कोविड अस्पताल की दुदर्शा से अगवत कराया गया. दिये गये ज्ञापन में बताया गया कि कोविड अस्पताल के मरीज वहाँ भगवान भरोसे है न तो मरीजों को चिकित्सा सुविधा ठीक से मिल पा रहा है और नही उनकी देखभाल हो रही है चिकित्सक भी महज औपचारिकता निभा रहे है. मरीज के परिजनों लगातार शिकायत के बावजूद चिकित्सक मरीजों को देखने तक नही आ रहे है न ही उन्हें कोई परामर्श दिया जा रहा है यही कारण है कि कोरोना की दूसरी लहर में मौतों का सिलसिला लगातार जारी है.पाजिटिव मरिजों की संख्या लगातार दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है जिसे लेकर जिलेवासियों भयभीत है अस्पताल प्रबंधन भी व्यवस्था बनाने में असहाय महसूस कर रहा है. वही दूसरी ओर जिला प्रशासन का रवैया भी उदासीन है पिछले एक माह से जारी लाकडाउन में जनता प्रशासन का पूरा सहयोग कर रही है मगर प्रशासन कोरोना से निपटने अपनी जवाबदेही तय नहीं कर पा रही है और न ही इस छोटे से जिले में प्रशासन कोरोना के कहर पर नियंत्रण कर पा रहा है. जिले में जब कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है तो प्रशासन अपनी पूरी शक्ति व ऊर्जा कोविड अस्पताल की व्यवस्था को सुधारने में लगाने के बजाय मनमानी पर उतार गया है तथा गैरजरूरी दूसरे कार्यों में दिलचस्पी दिखा रहा है जो आश्चर्यजनक है पिछले दिनों राईस मिलरों पर बेवजह मिलिंग का दबाव बनाया गया जबकि कोरोना काल में आपरेटर मजदूर दूसरे प्रान्त के होने के कारण अपने बचाव के लिए घर पर लौट गए हैं तथा अन्तर्राज्यीय बार्डर सील है तथा उनका वापस आना व कस्टम मिलींग का कार्य संभव नहीं है लेकिन प्रशासन राईस मिलर्स पर कार्यवाही कर भय उत्पन्न करना चाह रहा है इसी प्रकार क्रेशर संचालकों के खिलाफ मुहिम चलाकर उनसे रेडक्रास सोसायटी के नाम पर प्रति क्रेशर दो लाख रूपये मांगा जा रहा है तथा नहीं देने पर क्रेशरों में कुछ भी कमी दिखाकर सील कर दिया जा रहा है इतना ही नही जिला प्रशासन के द्वारा नगर में निजी चिकित्सकों के द्वारा मरीजों का सेवा भाव से ईलाज किया जा रहा है उन पर भी कार्यवाही किया जाना जिला प्रशासन के हठधर्मिता को दर्शाता है. जिला प्रशासन के इस मनमाने रवैये से आम नागरिकों के साथ व्यापारी वर्ग में काफी आक्रोश है जिले में पुलिस का रवैया भी कांग्रेस के एजेंट की तरह है पुलिस विभाग कांग्रेस नेताओं के दबाव में काम कर रही है तथा भाजपा कार्यकर्ताओं के विरूद्ध झूठे मामले में फसाकर अपराध पंजीबद्ध कर आधी रात में जेल भेजने की कार्यवाही की जा रही है जबकि अभी कोरोना के महामारी के कारण गभीर अपराधों में जेल में निरूद्ध कैदियों को पैरोल पर रिहा किए जाने का निर्देश हाइकोर्ट द्वारा दिया गया है ऐसा ही एक मामला जिले के बसदेई पुलिस चैकी क्षेत्र से सामने आया है जिसका भाजपा निंदा करती है. पुलिस को ऐसे समय में मानव सेवा हितार्ध कार्य करने की जरूरत है तब जिले की पुलिस मानव सेवा से भटक कर स्वयं व राजनीति दलों के हितार्थ कार्यों में जोर दे रही है क्षेत्र में कोयला कबाड़, रेत जैसे अवैध कारोबार को पुलिस प्रशासन द्वारा संरक्षण देकर अवैध रूप लाखो करोड़ों बटोरने में लगी है. जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन को भाजपा आगाह कर रही है कि वे अपने रवैये में तत्काल सुधार लाए और जनहितार्थ कार्य करें अन्यथा भारतीय जनता पार्टी जिला सूरजपुर आमजनों एवं व्यापारियों के साथ मिलकर उग्र आदोलन करने बाध्य होगी. ज्ञापन देने में जिला कोषाध्यक्ष थलेस्वर साहु,जिला मंत्री संदीप अग्रवाल ,पूर्व जिलामंत्री शशिकांत गर्ग, मंडल अध्यक्ष अजय अग्रवाल ,विशाल गुप्ता उपस्थित रहे ज्ञापन नायाब तहसीलदार ओ पी सिंह ने लिया.
भाजपा नेता की लापरवाही से हुई मौत, कार्यवाही की मांग
वैश्विक महामारी में स्वास्थ्य से जुडे लोगो को कोरोना युद्धा माना जा रहा है लेकिन ऐसे भी लापरवाह अधिकारी कर्मचारी है जिनकी लापरवाही से लोगो की लगातार मौते हो रही है जिसकी कीमत भाजपा नेता को अपनी मौत देकर कीमत चुकानी पड़ी. ग्राम पंचायत बुुंदिया निवासी तिवारी पैकरा दम्पति कोरोना संक्रमित होने पर आसोलेशन मंे रहकर उपचार कर रहे थे 14 मई को तबियत बिगडने पर 108 से उन्हे कोविड अस्पताल लाया जा रहा था जिनका रास्ते में ही मौत हो गया. परिजनो ने बताया कि उन्हे सास लेने में दिक्कत महसुस हो रही थी 108 वाहन स ेले जाते उन्हे नर्स ने ऑक्सीजन नही लगाया और मरीज के साथ ना बैठकर चालक वाली सीट के बगल में बैठ गई थी जब कुछ ही दूर जाने के बाद परिजनों को एहसास हुआ कि मरीज की तबीयत ज्यादा बिगड़ती जा रही है परिजनों ने चिल्लाया लेकिन नर्स ने उनकी एक न सुनी और कोविड-19 अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई. बहरहाल भाजपा मंडल भटगांव के पदाधिकारियों ने भैयाथान अनुविभागीय अधिकारी प्रकाश सिंह राजपूत को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है और 108 एंबुलेंस में पदस्थ नर्स के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की है. ज्ञापन सौंपने वालों में भाजपा मंडल महामंत्री रमेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष वरुण कुमार मरावी, सांसद प्रतिनिधि अनूप जायसवाल, भाजयुमो नेता ओम प्रकाश यादव उपस्थित थे.