तीन बालिका एवं दो बालकों का विवाह प्रशासनिक टीम ने रुकवाए….

सूरजपुर. अक्षय तृतीया में होने वाले बाल विवाह 2 दिन में संयुक्त टीम ने पांच बाल विवाह रोकने में सफलता हासिल की है. जिसमें तीन बालिका एवं दो बालकों का विवाह टीम ने रुकवाया.गौरतलब है कि अक्षय तृतीया विवाह का सबसे अच्छा मुहूर्त माना जाता है इस दिन मुहूर्त दिखाने की आवश्यकता नहीं होती है.जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल को सूचना मिली की बसदई में एक 16 वर्षीय बालिका का विवाह संपन्न किया जा रहा है. जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल नायब तहसीलदार ओपी सिंह प्रभारी परियोजना अधिकारी पुलिस घर में गए और अंकसूची दिखाने हेतु दबाव बनाएं तो पता चला कि प्रशासन के आंख में धूल झोंक कर विवाह की अनुमति प्राप्त की गई थी जबकि बालिका का उम्र कम था बालिका के परिजनों को समझाइश दी गई उम्र हो जाने पर विवाह करने हेतु सभी राजी हुए. इसी तरह टीम नमदगीरी गई जहां एक 20 वर्षीय बालक का बारात दरिमा जाने वाला था. जिसकी सूचना सरगुजा के टीम के द्वारा दी गई थी टीम के पहुंचने से पहले ही मंडप उखाड़ दिया गया था. शैक्षणिक दस्तावेज के परीक्षण पर बालक 20 वर्ष का पाया गया, बिना अनुमति हो रहे विवाह को रोका गया और बारात जाने पर एफ आई आर एवं विधि अनुसार कार्यवाही की बात कही गई. तहसीलदार एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा विवाह करने के कारण 2000 का अर्थदंड परिवार के लोगों को लगाया गया. संयुक्त टीम द्वारा रामानुजनगर के द्वारिकापुर में 16 वर्ष 9 माह के बालक का बाल विवाह रुकवाया गया तथा द्वारिकापुर में ही एक 14 वर्ष 8 माह के बालिका के विवाह की सूचना पर जब टीम पहुंची तो वहां से मंडप उखाड़ दिया गया था और बालिका को नहला दिया गया था. टीम को गुमराह करने की कोशिश की गई मगर लड़का पक्ष और सभी जानकारी देने पर वे यह बताने को तैयार हुए की विवाह कराया जा रहा था. गांव में विवाह रोकने की जानकारी के बाद मंडप उखाड़ दिए और लड़की को नहला दिए. टीम ने घरवालों को समझाइश दिया गया कि बालिका अभी बहुत छोटी है इसके बड़े होने अर्थात 18 वर्ष पूर्ण करने के बाद ही विवाह करें. अन्यथा घर वालों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई किया जाएगा. इसी कड़ी में भैयाथान के शिवप्रसाद नगर की पर्यवेक्षक माया चंद्रकला जायसवाल द्वारा ट्रेसिंग के दौरान ग्राम बंजा के एक संक्रमित द्वारा बताया गया कि उसकी बेटी का विवाह होने वाला है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पता करने पर पता चला कि बालिका का उम्र मात्र 16 वर्ष 8 माह हो रहा है जिसकी जानकारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी को दी गई तो संयुक्त टीम बंजा जाकर उपरोक्त बालिका का बाल विवाह रुकवाया गया. बाल विवाह रुकवाने में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल, नायब तहसीलदार सूरजपुर ओ पी सिंह, प्रभारी परियोजना अधिकारी कुमारी दीपा बैरागी, पर्यवेक्षक श्रीमती ममता परस्ते, माया चंद्रकला जायसवाल, जिला बाल संरक्षण इकाई की कुमारी अनिता पैकरा, चाइल्ड लाइन से जनार्दन सिंह, गीता गिरी, गोविंदा साहू, दिनेश यादव, रमेश साहू, राधा यादव, सरपंच नमदगिरी कलावती, सरपंच पति मंगल साय सरपंच बंजा दुर्गा चरण सिंह, प्रधान आरक्षक लखेन साहू, महिला आरक्षक प्रमिला सिंह, आरक्षक जितेंद्र पटेल, आरक्षक अमित सिंह, आरक्षक अनुज मंडल, आरक्षक शिव कुमार सिंह, आरक्षक दिनेश यादव उपस्थित थे.