सर्प दंश से हुई मौत…. परिजन गांव में ही कराते रहे झाड़ फूंक….

बिहारपुर. बारिश का मौसम से पहले पिछले दो दिनों सें हुई बारिश के बाद ग्रामीण अंचल में सर्पदंश की घटनाएं सामने आने लगी है. हर वर्ष सर्पदंश से दर्जनों लोगों को जान गवानी पड़ती है. इसके पीछे जहाँ सर्पदंश के फौरन बाद अस्पताल न जाकर गुनिया बैगा से झाड़ फूंक के चक्कर मे पड़ना भी एक कारण है तो दूसरी ओर जिले के कई ऐसे ग्रामीण इलाके है जहाँ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नही है. बताया जाता है कि पानी गिरने के बाद बिलो में रहने वाले सर्प व अन्य जहरीले कीड़े बाहर आ जाते है. ऐसी एक घटना बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत उमझर के पुरबपारा से सामने आई है.जिसमे 24 वर्षीय संपतिया बाई को शुक्रवार की रात सोते समय विषैले सर्प ने डस लिया और पीड़ित को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की बजाए परिजन गांव में ही जड़ी बूटी ओर झाड़ फूंक कराते रहे हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी.
ईलाज से बची जान
दूसरी घटना जिला मुख्यालय की है। जहाँ अस्पताल पहुँचने से बच्चे की जान बच गई। बताया गया है तीन दिनों पूर्व अस्पताल परिसर में जनसेवा का कार्य करने के दौरान टेबल में छिपा एक बेहद जहरीले सर्प ने एक बच्चे को डस लिया जिससे जनसेवा कार्य के सदस्यों ने बिना देरी किये बच्चे को डाक्टरो के पास पहुचाया ओर डाक्टरो ने भी बिना देरी किये बच्चे का इलाज शुरू कर दिया जिससे बच्चे की जान बचाई जा सकी.