नदी में बनाये जा रहे बांध की उपयोगिता पर ग्रामीणो ने सवाल खडे किये….खबर प्रकाशन के बाद हरकत में आया जिला प्रशासन ने डेटोनेटर के उपयोग पर रोक लगाया….

राजेश सोनी
सूरजपुर. जिले के वन परिक्षेत्र सूरजपुर के ग्राम लाछा और साल्ही जंगल के बीच कैम्पा मद से बन रहे नदी में बांध निर्माण में डेटोनेटर के उपयोग पर जिला प्रशासन ने रोक लगा दिया है तो वही नदी में बांध बनाये जाने की उपयोगिता पर ग्रामीणो ने प्रश्नचिन्ह खडा किया है. नहर निर्माण मे डेटोनेटर के ब्लास्ट करने से जंगली जानवर बेहताश होकर इधर उधर भागने लगे थे. गौरतलब है कि आपदा काल में वन परिक्षेत्र सुरजपुर के लाछा से लगे साल्ही के जंगल में वन विभाग ने नदी को बांध कर बांध बना दिया है साथ ही वहा से नहर निकाल कर नदी से जोडने का कार्य किया जा रहा है. ग्रामीणो ने बताया कि गांडा सिल्ली नदी में पूरे महीने पानी रहता है गांव के लोगो के निस्तार करते आ रहे है तो वही जंगल के वन्य जीव उसी नदी से प्यास बुझा रहे है. वन विभाग उसमें बांध क्यो बना रहा है यह सब पैसे कमाने का एक वजह हो सकता है. उक्त बांध निर्माण में बहुत ही घटिया स्तर का सामाग्री का उपयोग किया जा रहा है. जो कभी भी बांध फुट सकता है. तो वही गोगपा के जयनाथ केराम ने बताया कि कोरोनो के आड़ में वनविभाग के द्वारा जिस तरह का विधिविरुद्ध तरीकों से बांध में बारूद-डेटोनेटर विस्फोटक से ब्लास्टिंग, एस.ई.सी.एल.के निम्नस्तर के पत्थरों को साइज-बोल्डर के नाम पर इस्तेमाल कर रहा है व कार्य योजना बोर्ड का गायब होना वनक्षेत्र के मिट्टी को बांध में उपयोग करना सीधे तौर पर अपराधिक मामला है उन्होने इस मामले में सभी दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अपराधिक मामला दर्ज किये जाने की मांग की है. साथ ही उन्होने कहा की अगर ऐसा नही होता है तो गोंगपा निर्माण कार्य को बंद करा कर आंदोलन करेगी.
ब्लास्ट हुआ बंद
खबर प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन ने डेटोनेटर के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है फिलहाल वहा पर ब्लास्ट नही होने से जंगल में रहने वाले वनजीव को राहत मिलेगी जो बारुद के धमाके से बेहताश उधर उधर भागने लगे थे.

डेटोनेटर