नदियों के अस्तित्व पर खतरा…भूजल स्तर भी गिरा….अवैध तरीके से की जा रही है नदियों से रेत का उत्खनन व परिवहन….धड़ल्ले से जारी है जिले में अवैध खनन….

राजेश सोनी
सूरजपुर. जिले में अवैध उत्खनन परिवहन खेल जोरो पर जारी है. संबंधित विभाग के कार्यवाही करने में पसीने छुट रहे है तो रेत माफियाओ का दबाव के आगे प्रशासन भी नतमस्तक है. बहरहाल रेत के खेल मे राजनैतिक दलो की संलिप्ता जग जाहिर है. जो नदियों का सीना छलनी कर अवैध तरीके से निकाले जा रहे है जिससे नदियों के अस्तित्व पर खतरा तो मंडरा ही रहा है तो वही भूजल स्तर में लगातार गिरते जा रहा है. प्रदेश में सबसे ज्यादा रेत खदानो में सूरजपुर जिला दुसरे नंबर पर है जिले मे नियमो को ताक मे रखकर दिन में ही नहीं रात में भी रेत का उत्खनन व परिवहन किया जा रहा है. नगर के श्मशान घाट सहित कुरुवां, कोरेया, रतनपुर, कांसापारा, जयनगर ,गोबरी राजापुर ,कांतीपुर, सत्तीपारा, खडगवा कला, बंशीपुर, हर्राटिकरा, कदरंई, कसकेला, समौली, खोपा, रेवटी, नमनाकला,सलका,बकालो,कांतीपुर, पम्पापुर, लखनपुर समौली सेमरा अन्य घाटो में नदी से रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन धड़ल्ले से जारी है. नदी के घाटो से रेत निकालने भारी भरकर एक नही तीन से चार मशीने लगाई गई है. कई रेत घाट में पीटपास जारी नहीं हुआ तो वही जिसके जारी हुये है वह भी खत्म हो गया है. जिससे बेरोक-टोक रेत का उत्खनन व परिवहन कर महंगे दामों पर बेचा जा रहा है राजस्व को लाखों का चूना तो लग ही रहा है. आम लोगों को भी रेत खरीदी पर अतिरिक्त भार पढ़ रहा है जिसे लेकर लोगों में खासा नाराजगी है. रेत के ठेकेदार भारी भरकम मशीन से निर्धारित रकबा के ज्यादा नदी का सीना छलनी करते जा रहे है. नदियों के अस्तित्व पर तो खतरा मंडरा रहा है साथ ही भूजल लगातार नीचे जा रहा है जिससे आने वाले समय में जल संकट की समस्या सामना करना पड़ सकता है जिम्मेदार विभाग का तो रवैया बताता है कि रेत माफियाओं से उसकी सीधे-सीधे सांठगांठ है लगातार शिकायतों के बावजूद भी रेत ठेकेदारों के अवैध उत्खनन व परिवहन पर एक्का दुक्का कार्यवाही कर इतिश्री कर लेता है जबकि बडे वृहद पैमाने पर अवैध रेत के उत्खनन किये जा रहे है.
रात हो या दिन मनमाने तरीके से निकाले जा रहे है रेत
गोबरी नदी में रेत ठेकेदार के द्वारा नियमों को ताक में रखकर रेत का उत्खनन किया जा रहा है नियम विरुद्ध तरीके से रात मे रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन लगातार जारी है जबकि ठेकेदार हो अभी खनिज विभाग पीट पास जारी नहीं किया है बावजूद महीनों से रेत का कारोबार किया जा रहा है. खनिज विभाग के गाईडलाइन के अनुसार रेत का परिवहन सुबह 6 से शाम 6 बजे तक ही निर्धारित है मगर नेशनल हाईवे से लगे इस रेत खदान और हाईवे के खनिज विभाग के नाके से शाम 6 बजे के बाद ये रेत से भरी गाड़ियां रोज निकल रही हैं.
एक पीट पास से कई बार परिवहन,रॉयल्टी की हो रही है चोरी
बताया जाता है आधे अधुरे पडे मापदंडों को पूर्ण नहीं करने वाले ज्यादातर ठेकेदारों को अनुमति नहीं मिली है जिनको मिली भी है उसमें भी अधिकतर ठेकेदारो द्वारा एक पीट पास में कई बार रेत का अवैध परिवहन कराया जा रहा है विभाग मूकदर्शक बना हुआ है इससे प्रशासन को रायल्टी की भारी क्षति पहुंचा रहा है.
संबंधित खनिज विभाग के अधिकारी संदीप नायक से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश किया गया पर उन्होने मोबाईल रिसीव नही किया. जिससे उनका पक्ष ज्ञात नही हो सका.