माँ जन्म देती है और डॉक्टर पुनर्जन्म….विश्व चिकित्सा दिवस में डीजे ने कहा…. समारोह में उपस्थित रहे अधिवक्तागण।।

बैजनाथ केसरी
रामानुजगंज. नगर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बैनर तले विश्व चिकित्सक दिवस मनाया गया जहां जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरेशी एवं अन्य न्यायाधीश सहित अधिवक्तागण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरेशी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहां की जिस तरह से कोरोना काल में डॉक्टरों के द्वारा आम लोगों के साथ परिवार की तरह एक साथ मिलकर अपना फर्ज निभाया, वह कहीं से भी कम नहीं है । उनकी सराहना होनी चाहिए उन्हें हम सलाम करते हैं। मां जन्म देती है और डॉक्टर पुनर्जन्म देता है हमें वह दिन नहीं भूलना चाहिए जब कोरोना में देश के प्रत्येक जगहों पर लोग संक्रमण के कारण उनका जीवन खत्म हो जा रहा था और डॉक्टर भी बिना अपने परिवार के और बिना अपने अपना चिंता करते हुए रात दिन एक कर के इलाज किया करते थे। उस दिन को नहीं भूलना चाहिए कि जब डॉक्टर परिश्रम सेवा भाव दे रहे थे हालांकि दूसरी ओर बातें करें तो यह निश्चित है कि देश में चिकित्सा और शिक्षा दोनों व्यवसायिक हो गई है। आम आदमी को दोनों चीजें मिलना अब मुश्किल हो गई है। बेहतर से बेहतर लोगों को शिक्षा मिले लोगों को चिकित्सा मिले अब यह एक गरीब के लिए कोसों दूर है। मरीज और डॉक्टर के बीच रिश्ता बिगड़ रही है। दोनों के बीच में कमजोरी आ गई है ।मैं कड़वा सच बोलता हूं कि शिक्षा और चिकित्सा सरकार को इस तरह देना चाहिए कि गांव के एक एक गरीब के घर मैं वह मिले। छत्तीसगढ़ प्रदेश मैं रामानुजगंज सुदूर अंचल और आदिवासी क्षेत्र है फिर भी डॉक्टर अपना फर्ज निभा रहे हैं हम इसे बेहतर ही कहेंगे । प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी ने कहा कि डॉक्टरों की हम लोगों को सराहना करनी चाहिए मैं हमेशा याद रखूंगा कि हमारे घर में अधिकांश डॉक्टर हैं और मेरे पिताजी भी डॉक्टर है डॉक्टर किस कदर अपने जीवन में संघर्ष करते हैं मैं बचपन से देख रहा हूं। उनमें सेवा भाव रहती है इन्हें हमेशा सम्मान देना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता आरके पटेल ने कहा कि हमें अफसोस है कि डॉक्टरों को सुरक्षा कानून के सहारे देना पड़ता है जबकि सभी की जीवन बचाने वाले डॉक्टर को समाज के द्वारा सुरक्षा देना चाहिए। बीएमओ डॉ कैलाश ने कहा कि हम सभी डॉक्टरों को न्यायालय परिवार के द्वारा सम्मान दी गई हम लोग आभारी हैं । डेढ़ वर्षो से कोरोना के कारण हमारे पिता कहां हैं हमारे परिवार कहां हैं हम लोगों ने कभी नहीं सोचा लेकिन आज पहली बार है की न्यायालय में बुलाकर सम्मान दिए जाने से हम सभी आनंदमई हो गए हैं। मुख्य न्यायिक न्यायाधीश अजय कुमार खाखा ने मंच संचालन एवं आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि विश्व चिकित्सा दिवस डॉ बीसी राय के कारण ही देश में कोने कोने में मनाई जाती है उन्होंने डॉक्टर बीसी राय के जीवन परिचय को बताया । कार्यक्रम के अंत में उपस्थित डॉक्टरों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरेश सहित अन्य न्यायाधीशों ने स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस अवसर पर द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर , विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट वंदना दीपक देवांगन , न्यायिक मजिस्ट्रेट निक्सन डेविड ,अधिवक्ता अनूप तिवारी, बिपिन बिहारी सिंह ,किरण यादव ,शंभू प्रसाद गुप्ता, अविनाश गुप्ता ,सनाउल्लाह अंसारी, जयप्रकाश गुप्ता, धर्मन सिंह, उमाशंकर गुप्ता ,अख्तर अली ,अरुण कुमार गुप्ता, रमेश कुमार गुप्ता, रूपेश कुमार गुप्ता, जितेंद्र कुमार गुप्ता, मनीता शर्मा ,राकेश कुमार पांडे, प्रदीप कुमार दुबे ,अमरनाथ केसरी, एस एस ठाकुर एवं डॉक्टर शरद कुमार ,डॉक्टर विजय कुमार राठौर, डॉक्टर दीपक भगत, डॉक्टर सुजाता ,डॉ श्रवण पाठक सहित अन्य लोग उपस्थित थेजन्म देती है और डॉक्टर पुनर्जन्म ।।विश्व चिकित्सा दिवस में डीजे ने कहा।। समारोह में उपस्थित रहे अधिवक्तागण।। रामानुजगंज ——- नगर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बैनर तले विश्व चिकित्सक दिवस मनाया गया जहां जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरेशी एवं अन्य न्यायाधीश सहित अधिवक्तागण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरेशी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहां की जिस तरह से कोरोना काल में डॉक्टरों के द्वारा आम लोगों के साथ परिवार की तरह एक साथ मिलकर अपना फर्ज निभाया, वह कहीं से भी कम नहीं है । उनकी सराहना होनी चाहिए उन्हें हम सलाम करते हैं। मां जन्म देती है और डॉक्टर पुनर्जन्म देता है हमें वह दिन नहीं भूलना चाहिए जब कोरोना में देश के प्रत्येक जगहों पर लोग संक्रमण के कारण उनका जीवन खत्म हो जा रहा था और डॉक्टर भी बिना अपने परिवार के और बिना अपने अपना चिंता करते हुए रात दिन एक कर के इलाज किया करते थे। उस दिन को नहीं भूलना चाहिए कि जब डॉक्टर परिश्रम सेवा भाव दे रहे थे हालांकि दूसरी ओर बातें करें तो यह निश्चित है कि देश में चिकित्सा और शिक्षा दोनों व्यवसायिक हो गई है। आम आदमी को दोनों चीजें मिलना अब मुश्किल हो गई है। बेहतर से बेहतर लोगों को शिक्षा मिले लोगों को चिकित्सा मिले अब यह एक गरीब के लिए कोसों दूर है। मरीज और डॉक्टर के बीच रिश्ता बिगड़ रही है। दोनों के बीच में कमजोरी आ गई है ।मैं कड़वा सच बोलता हूं कि शिक्षा और चिकित्सा सरकार को इस तरह देना चाहिए कि गांव के एक एक गरीब के घर मैं वह मिले। छत्तीसगढ़ प्रदेश मैं रामानुजगंज सुदूर अंचल और आदिवासी क्षेत्र है फिर भी डॉक्टर अपना फर्ज निभा रहे हैं हम इसे बेहतर ही कहेंगे । प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी ने कहा कि डॉक्टरों की हम लोगों को सराहना करनी चाहिए मैं हमेशा याद रखूंगा कि हमारे घर में अधिकांश डॉक्टर हैं और मेरे पिताजी भी डॉक्टर है डॉक्टर किस कदर अपने जीवन में संघर्ष करते हैं मैं बचपन से देख रहा हूं। उनमें सेवा भाव रहती है इन्हें हमेशा सम्मान देना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता आरके पटेल ने कहा कि हमें अफसोस है कि डॉक्टरों को सुरक्षा कानून के सहारे देना पड़ता है जबकि सभी की जीवन बचाने वाले डॉक्टर को समाज के द्वारा सुरक्षा देना चाहिए। बीएमओ डॉ कैलाश ने कहा कि हम सभी डॉक्टरों को न्यायालय परिवार के द्वारा सम्मान दी गई हम लोग आभारी हैं । डेढ़ वर्षो से कोरोना के कारण हमारे पिता कहां हैं हमारे परिवार कहां हैं हम लोगों ने कभी नहीं सोचा लेकिन आज पहली बार है की न्यायालय में बुलाकर सम्मान दिए जाने से हम सभी आनंदमई हो गए हैं। मुख्य न्यायिक न्यायाधीश अजय कुमार खाखा ने मंच संचालन एवं आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि विश्व चिकित्सा दिवस डॉ बीसी राय के कारण ही देश में कोने कोने में मनाई जाती है उन्होंने डॉक्टर बीसी राय के जीवन परिचय को बताया । कार्यक्रम के अंत में उपस्थित डॉक्टरों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरेश सहित अन्य न्यायाधीशों ने स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस अवसर पर द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर , विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट वंदना दीपक देवांगन , न्यायिक मजिस्ट्रेट निक्सन डेविड ,अधिवक्ता अनूप तिवारी, बिपिन बिहारी सिंह ,किरण यादव ,शंभू प्रसाद गुप्ता, अविनाश गुप्ता ,सनाउल्लाह अंसारी, जयप्रकाश गुप्ता, धर्मन सिंह, उमाशंकर गुप्ता ,अख्तर अली ,अरुण कुमार गुप्ता, रमेश कुमार गुप्ता, रूपेश कुमार गुप्ता, जितेंद्र कुमार गुप्ता, मनीता शर्मा ,राकेश कुमार पांडे, प्रदीप कुमार दुबे ,अमरनाथ केसरी, एस एस ठाकुर एवं डॉक्टर शरद कुमार ,डॉक्टर विजय कुमार राठौर, डॉक्टर दीपक भगत, डॉक्टर सुजाता ,डॉ श्रवण पाठक सहित अन्य लोग उपस्थित थे