पीडब्ल्यूडी डिवीजन मैं हमेशा हो रही है टेंडर के नियमो में भर्राशाही।। टेंडर के दिन हमेशा लापता हो जाते हैं कार्यपालन यंत्री ।। जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने पर हमेशा होती है इसी तरह की लापरवाही ।।

बैजनाथ केशरी


रामानुजगंज ——– स्थानीय लोक निर्माण विभाग संभाग रामानुजगंज मैं टेंडर नियमों को लेकर जमकर उल्लंघन की जा रही है यहां तक की टेंडर में आवेदन जमा करने वाले लोगों को टेंडर फार्म तक नहीं दी जा रही है और जिस दिन यह करवाई की जाती है उस दिन पूरे विभाग के कर्मचारी नदारद रहते हैं। जैसा कि आप यह फोटो में देख सकते हैं । कार्यालय के बाहर टेंडर फॉर्म लेने के लिए ठेकेदारों का जमावड़ा लगा हुआ है और कार्यालय के अंदर एक भी कर्मचारी नहीं है सभी नजारत है। टेंडर फॉर्म लेने ठेकेदारों ने विभाग के उच्च अधिकारियों को भी शिकायत की है यही नहीं कलेक्टर इंद्रजीत एस चंद्रवाल को भी इस संबंध में बताई गई है । गौरतलब है कि लोक निर्माण विभाग संभाग रामानुजगंज के द्वारा 28 जून 2021 को निविदा क्रमांक 1521/ एनआईटी 3 के तहत दो कार्यों की निविदा आमंत्रण सूचना प्रकाशन की गई थी जिसमें उप संभाग कुसमी अंतर्गत सेमरा मॉडल स्कूल का विशेष मरम्मत कार्य के लिए 16 लाख24 हजार, वही दूसरे नंबर का ग्रुप उप संभाग वाड्रफनगर अंतर्गत मेंटल एवं बालू सप्लाई का कार्य हेतु 15 लाख के कार्यों की निविदा आमंत्रण पत्र निकाली गई थी। जिसका निविदा प्रपत्र क्रय करने हेतु आवेदन जमा करने के लिए 15 जुलाई, ठेकेदारों द्वारा निविदा प्राप्त करने के लिए 20 जुलाई और टेंडर फार्म लिफाफा खोलने की तिथि 22 जुलाई के प्रातः 11:30 बजे है। जिसकी श्रेणी द से अ तक के लिए ई पंजीयन के अंतर्गत थी। ठेकेदार आवेदन देकर निश्चिंत थे कि हमें निश्चित दिनांक के दिन टेंडर फॉर मिल जाएगी और हम लोगों के द्वारा टेंडर डाल दी जाएगी लेकिन उन्हें आभास नहीं था कि इस दिन टेंडर डालना तो दूर टेंडर फॉर्म तो नहीं मिलेगी और ना ही कार्यालय में एक भी कर्मचारी दिखे।।
कार्यपालन यंत्री साहब हमेशा हो जाते हैं फरार———– उपस्थित ठेकेदारों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग संभाग रामानुजगंज के डिवीजन मैं टेंडर प्रक्रिया को लेकर हमेशा भर्राशाही होते रहता है ठेकेदारों को कभी भी सही समय पर न तो टेंडर फॉर्म दी जाती है और ना ही इस संबंध में उचित कोई कार्रवाई करने के लिए कही जाती है। हमेशा की तरह इस बार भी कार्यपालन यंत्री अपने डिवीजन से फरार हो गए। यही नहीं उनका मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ थी । विभाग में एक कर्मचारी भी नहीं दिखते। ऐसी स्थिति में ठेकेदारों को ना तो टेंडर फार्म मिला और ना ही टेंडर डाल सके।।
पीडब्ल्यूडी हमेशा विवादों में——— कुछ दिनों से देखने को मिल रहा है कि पीडब्ल्यूडी संभाग रामानुजगंज में जब भी टेंडर होती है तो या तो उनका आवेदन नहीं लिया जाता है और लिया भी जाता है तो उन्हें टेंडर फार्म नहीं दिया जाता है ऐसी स्थिति में जितने भी ठेकेदार हैं मायूस होकर अपने घर की ओर निकल जाते हैं लेकिन प्रश्न उठता है कि इस विभाग के उच्च अधिकारियों के द्वारा अभी तक क्या कार्रवाई की गई जहां तक सभी को पता है कि ऐसे बिगड़ैल और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध अभी तक उच्च अधिकारी कार्रवाई नहीं हुई है टेंडर को लेकर पीडब्ल्यूडी हमेशा विवादों में रहा है।।
पीडब्ल्यूडी एक ठेकेदार का बना मोहरा———— टेंडर फार्म लेने आए ठेकेदारों का आरोप है कि टेंडर के नियमों को बताना एवं उसका पालन कराना कार्यपालन यंत्री का कर्तव्य होता है लेकिन हमेशा देखने को मिल रहा है कि अंबिकापुर के एक ठेकेदार के कहने पर पूरे टेंडर को तहस-नहस कर दी जाती है।साफ शब्दों में यह कहा जा सकता है कि पीडब्ल्यूडी डिविजन मात्र एक ठेकेदार के मोहरा बनकर रह गई है।।
ठेकेदारों ने की शिकायत———- लोक निर्माण विभाग के संभाग रामानुजगंज के डिवीजन में 20 जुलाई को दो कार्यों के टेंडर फार्म नहीं दिए जाने से नाराज ठेकेदार कौशल जायसवाल ,इम्तियाज, विनोद गुप्ता, प्रिंस तिवारी, ज्वाला गुप्ता ,राज कंस्ट्रक्शन ,मुकेश अग्रवाल, रूपा गुप्ता, शिबू जायसवाल ,सद्दाम ,कलाम मनसूर ,अभिषेक दुबे सहित दर्जनों ठेकेदारों ने कार्यपालन यंत्री के नदारती और टेंडर फार्म नहीं मिलने को लेकर उच्च अधिकारियों को शिकायत किया है।।
करवाई होगी————– इस संबंध में कलेक्टर इंद्रजीत एस चंद्रवाल ने कहा कि अभी तक मुझे इस संबंध में कुछ पता नहीं है लेकिन आपके द्वारा बताई गई है तो मेरे द्वारा लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री एवं इनके उच्च अधिकारियों से बात की जा रही है यदि ठेकेदारों के द्वारा लगाई गई आरोप सही निकलती है तो विभाग के जिम्मेवार अधिकारी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।।