घटिया अमानक स्तर के धान बीज बिक गये….कृषि विभाग को पता तक नही चला….रिपोर्ट आने पर लगाये गये प्रतिबंध….

सुभाष गुप्ता
सूरजपुर. जिले के प्रशासनिक व्यव्स्था का हाल बेहाल है धान बीज लगाने के बाद अब कृषि विभाग को पता चला कि जो किसानो को आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में बेचे गये थे वह धान बीज अमानक निकला जिस पर कृषि विभाग ने प्रतिबंध लगाया है. दो समितियों में खादय अमानक स्तर पर पाये जाने के बाद अब दो आदिम जाति सेवा सहकारी समिति केवरा के साथ सलका में अमानक स्तर पर धान बीज अमानक स्तर पर मिला है जिस पर कृषि विभाग ने प्रतिबंध लगा दिया है गौरतलब है कि बरसात के दस्तक के साथ किसान धान की फसल लेने की तैयारी में लग जाता है इस वर्ष खरीफ सीजन के फसलो में शामिल धान बीज सैकड़ों क्विंटल जिले में भेजा गया. इसके गुणवत्ता पर परिक्षण तो कृषि विभाग द्वारा स्वयं संज्ञान में लेकर कलेक्शन करने कि जहमत तो नहीं उठाई लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उर्वरको का दो सहकारी समितियों के साथ दो और सहकारी समिति से बीज का सैंपल कलेक्शन कर परिक्षण के लिये प्रयोगशाला भेजा गया. सीजन में बीज बोनी के अंतिम समय पर रिपोर्ट अमानक स्तर का होने पर खरीदी प्रतिबंध लगा दिया गया. धान बीज अमानत पाये जाने पर बीज निगम के धान बीजों पर सवाल खड़े हो रहे. अमानक स्तर पर बीज मिलने पर किसानो को समस्याओ का सामना करना पड रहा है. बहरहाल किसान व कृषि दोनों भगवान भरोसे आज भी हैं.