महिलाओ ने एसपी कार्यालय के सामने धरना दिया… मौत के जिम्मेदारों पर कार्यवाही की मांग की…कागजो में जांच टीम अभी भी जांच में लगी…

राजेश सोनी
सूरजपुर. जिले में पुलिस हिरासत में मौत की बात हो या गंभीर अपराधो की लगातार आये दिन पुलिस की कार्यप्रणाली गाहे बगाहे सामने आ ही जाती है. 4 नवंबर 2020 को हुये मौत के बाद उसके गुनाहगारो पर अपराध दर्ज कराने कई पुलिस के अधिकारियों का चक्कर काटने के बाद आज मायुस पिडिता के साथ महिलाओ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना देकर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की मांग की. पुरा मामला भटगांव थाना क्षेत्र का है जहा पर चुनगढ़ी गांव मे 11 महिने पहले एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले मे मृतक कि पत्नी पुलिस अधिकारिंयो के दफ्तर के चक्कर काट रही है. आखिरकार आज थक हारकर वह गांव की तमाम महिलाओ के साथ एसपी कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ कर गुनाहगारो पर कार्यवाही की मांग की. मृतक की पत्नी किरण ने बताया कि उसके पति अयोध्या महान टु कोयला खदान के निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी मे काम करता था और निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी के द्वारा बङे पैमाने मे कोयला डीजल चोरी की जानकारी उसके पति को हो गई थी, कई बार कोयले की हेराफेरी और अवैध कार्यो का उसने विरोध भी किया था जिससे कंपनी के चहेतो के साथ विवाद भी हुआ था. 4 नवंबर 2020 की रात मृतक अयोध्या की शव भटगांव-विश्रामपुर मार्ग के चुनगढ़ी के पास बाइक समेत सड़क किनारे मिली थी. जिसके बाद से ही मृतक की पत्नी ने इस पुरे मामले में निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक पर हत्या का आरोप लगा रही है. यहा तक की पीएम रिपोर्ट में इसका जिक्र है लेकिन पुलिस की कार्यवाही आज तक किसी भी नतीजे में नही पहुंच सकी. इस दौरान उसने पुलिस अधिकारी से मिलकर भी फरियाद की. जब यह अधिकारी उससे मिलने में परहेज करने लगे तो ऐसे मे आज मृतक कि पत्नी किरण पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर गांव की महिलाओ के साथ धरने पर बैठ गई. हालांकि एसपी ने जल्द जांच का आश्वासन देने के बाद महिलाओ ने प्रदर्शन बंद किया.

वही इस पुरे मामले मे एसपी भावना गुप्ता ने बताया कि मृतक कि पत्नी के द्वारा अपने पति कि हत्या होने कि आशंका के शिकायत पर दिसंबर माह मे ही जांच टीम गठित की जा चुकी है जल्द ही जांच कार्यवाही पुरी होगी जिसके बाद ही आगे की कार्यवाही होगी बताया गया. गौरतलब है कि कोयलांचल इलाके मे कोयले और डीजल की हेराफेरी बङे पैमाने मे चली आ रही है ऐसे मे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खङे होते आ रहे है, जहां मृतक अयोध्या की पत्नी के द्वारा लगाए गए आरोप के बाद भी जांच टीम के दस माह हो गए, लेकिन पुलिस अब तक न तो दुर्घटना कारित करने वाले वाहन का पता कर पाई और ना ही जांच रिपोर्ट पुरी हो सकी. ऐसे मे पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवालिया निशान खङे हो रहे है.