ओडगी ब्लाक दर्जनो स्कुल के भवन है बेहाल…छतो से टपकता पानी, दिवारे फटी हुई…शिक्षा मंत्री का गृह जिले का यह है हाल….

बलराम सोनी
ओडगी. शिक्षा मंत्री के गृह जिले में दर्जनो स्कुलो के भवन है बेहाल,छतो से पानी टपकता, जर्जर स्कुल भवन, दिवारे फटी हुई है ऐसे में ही नौनिहालो का भविष्य गढा जा रहा है. कई शिकायत जानकारी के बाद भी विभाग नौनिहालो की सुरक्षा के प्रति लापरवाह बना हुआ है. कहने को तो जिला सूरजपुर शिक्षा मंत्री का गृह जिला है लेकिन यहा के आदिवासी बाहुल्य विकासखंड ओडगी के दर्जनों स्कूलों के भवन की जर्जर और खतरनाक हो चुकी है कई बार कक्षा में छत का प्लास्टर गिर चुकी है जिस पर कक्षाएं या तो उधारी के भवन में या अगल-बगल के भवनों के महज एक दो कमरों में अव्यवस्थाओं के बीच संचालित हो रही है. प्राथमिक कन्या आश्रम के शाला प्रबंधन समिति ने बताया कि ब्लाक मुख्यालय ओडगी के प्राथमिक कन्या आश्रम जहां क्षेत्र के दूरदराज से आकर आदिवासी बालिकाएं शिक्षा ग्रहण करती हैं का भवन विगत कई वर्षों से जर्जर होकर छत का प्लास्टर गिरने की वजह से बच्चे व शिक्षिकाएं बाल- बाल बची थीं उसके बाद अव्यवस्थाओं के बीच बगल के छात्रावास के खुले बरामदे में बैठ पढ़ाई करने मजबूर थी. हाल में वहां से भी दूसरे भवन के एक बरामदे व गार्ड रूम में बैठ पढ़ने मजबूर हैं. क्षेत्र के राजीव गांधी शिक्षा मिशन प्राथमिक शाला बांक,हायर सेकंडरी स्कूल ओडगी, माध्यमिक शाला भंडार पारा, प्राथमिक विद्यालय खर्रा, प्राथमिक शाला पालदनौली, प्राथमिक शाला चौकापारा अवंतिकापुर आदि दर्जनों स्कूलों का भवन जर्जर अवस्था में है. अभिभावकों, शाला प्रबंधन समिति व शिक्षको के द्वारा कई बार जर्जर हुये भवन की मौखिक व लिखित में जानकारी अधिकारियों को दी गई है लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है जिससे अभिभावक व शाला प्रबंधन समितियों में आक्रोश व्याप्त है और शीर्घ इस ओर शासन प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है.
शिक्षा विभाग को लिखा गया है पत्र

खतरों के बीच पढते नौनिहाल, दर्जनो जर्जर स्कुल भवन की जानकारी विभाग को है ओड़गी विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी जे पी साय ने बताया कि उनके संज्ञान में है कि भवन जर्जर है हमारे कार्यालय से भी जिला के अधिकारियों को इस विषय से अवगत करा दिया गया है.