न्यायाधीशों ने ग्राम गाजर में शिविर के माध्यम से पंडो जनजाति के लोगों को दी गई उनके अधिकारियों एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां……….

बैजनाथ केशरी

रामानुजगंज———–  उच्चतम न्यायालय एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वावधान में आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत पैन इंडिया अवेयरनेस एंड आउटरीच अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरेशी के निर्देश पर ग्राम पंचायत गाजर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट के वंदना दीपक देवांगन के अध्यक्षता में विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त शिविर में जिले के प्रशासनिक विभाग के उच्च अधिकारी, कर्मचारी एवं ग्रामवासी मौजूद थे । सभी जनजाति के श्रेणी में आने वाली पंडो जनजाति के असमय मृत्यु पर विचार करना एवं पंडो जनजाति को समाज के मुख्यधारा में लाना इस शिविर का मुख्य बिंदु था । ग्राम पंचायत गाजर में आयोजित विशेष विधि जागरूकता शिविर में सभी विभागों के द्वारा ग्राम वासियों के समस्याओं का त्वरित समाधान भी किया गया। शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के द्वारा टोनही प्रताड़ना ,नशा मुक्ति जैसे विषयों पर नुक्कड़ नाटक की शानदार प्रस्तुति के माध्यम से समस्त ग्राम वासियों को जागरूक किया गया । उपस्थित ग्रामवासी शिवीर से काफी उत्साहित थे एवं उनके समस्याओं के त्वरित निराकरण से काफी संतुष्ट भी थे। उच्च अधिकारियों के द्वारा आम नागरिकों को सरकार द्वारा दिए जाने वाले लाभ उनके क्षेत्र में होने वाले विकास योजनाएं एवं अधिकार के संबंध में अवगत कराया गया। उक्त आयोजन में विधिक साक्षरता शिविर में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर के द्वारा उपस्थित ग्राम वासियों को विधिक सेवा प्राधिकरण के विभिन्न स्कीमों के बारे में विशेष रूप से जानकारी दी गई। विस्तृत रूप से इस शिविर के प्राधिकरण के सचिव रेशमा बैरागी के द्वारा न्याय ऐप घरेलू हिंसा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार के बारे में भी जानकारी दी गई।।

कई पंडो की हो गई है मौत इसलिए उन्हें जानकारी देना है अति आवश्यक———– रामचंद्रपुर ब्लाक के अंतर्गत गांव में पंडो जाति के कई सदस्य की मौत के कारण पूरा प्रदेश हिल गया है जिसके कारण न्यायाधीशों के द्वारा भी उनके अधिकार एवं स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी गई। इस संबंध में जिला न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरेश ने बताया कि पंडो जाति के लोगों के मौत के बाद हम लोगों ने वहां पर शिविर लगाना अति आवश्यक समझा । जहां उनके अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य के व उनके साथ होने वाले कई समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।।