शराब में मदमस्त है पटवारी…शराबी पटवारी का चक्कर लगाते किसान है परेशान…नशे में धान के जगह पर अन्य फसल लिख दिया…किसान है परेशान…

राजेश सोनी
सूरजपुर. जिले के अधिकारी किस तरह शराब के नशे में कार्यरत है इसकी बानगी बिहारपुर क्षेत्र में देखने को मिला जहा पर रकबा सुधारने के लिये कई मिन्नतो के बाद पहुचे पटवारी शराब खोरी करते रहे. इतनी शराब चढा ली की उन्हे पकडकर लाना पडा. सुबह पहुचे हल्का पटवारी ने पिडित किसान रामचरण से बोहनी के नाम से 5 हजार रुपये की मांग की तो उसने 5 सौ रुपये दे दिया, उसके बाद उसके एक प्लांट को दुरुस्त किया और रकसगंडा में शराब पीने पहुच गये, इतना शराब पी ली की उन्हे पकडकर लाना पडा. बहरहाल ओडगी ब्लाक के बिहारपुर चांदनी के किसान है परेशान उनकी समस्या का हल करने वाले अधिकारी न तो हल्का में रहते न ही गांव में आते है जिससे परेशान किसानो ने तहसीलदार सहित जिला प्रशासन को अपनी पीडा भी बताई फिर भी किसानो की समस्या जस की तस बनी हुई है.

पुरा मामला बिहारपुर के महुली,कोल्हुआ,खोहिर ,रसौकी सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक गांव के लगभग 200 किसानो जो अपने खेत में धान की फसल लगाये है लेकिन हल्का पटवारी ने गिरदावरी में अन्य फसल का उल्लेख कर दिया है जिससे किसान धान बेचने से वंचित रह जायेगे और शासन से मिनले वाला लाभ नही मिल पाएगा. जबकि गिरदावरी रिपोर्ट बनाने के लिये पटवारियों को खेतो में जाने के निर्देश दिया गया था. गिरदावरी रिपोर्ट में कई प्रकार की त्रुटि आने पर किसानो ने तहसीलदार सहित जिला प्रशासन से जांच फसल का सत्यापन करने की गुहार लगाई थी. पर किसानो की समस्या बनी हुई है. महुली गांव के किसान रामचरण पिता जसलाल ने बताया कि वे पिछले साल 90 क्विंटल धान बेचे थे इस बार 11 क्विंटल ही धान बेच पायेगे रकबा में तुवर का फसल बता दिया है उन्होंने रकबा को ठीक कराने के लिये पटवारी,तहसीलदार,आला अधिकारी सहित सरकार के मंत्रियो के पास गुहार भी लगाई लेकिन नतीजा शुन्य रहा. इसी तरह नवगई गांव के किसान राममनुज जायसवाल के साथ हुआ उन्होने अपने खेत में धान की फसल लगाया था लेकिन हल्का पटवारी ने उसे मक्का का फसल दस्तावेज में अकित कर दिया, जिसके लिये तहसील कार्यालय का चक्कर लगाकर वहा से फसल का सत्यापन कराने के लिये हल्का पटवारी को आदेशित भी करवाये पर पटवारी साहब को फुर्सत कहा संपर्क करने अनाप सनाप बाते बनाते रहे. गौरतलब है दुरस्थ क्षेत्र होने के वजह से यहा पर पदस्थ अधिकारी अपनी मनमानी करने में मदमस्त रहते है मुर्गा शराब की मांग ज्यादा रहती है. बहरहाल ईद चांद बने पटवारी साहब आज किसी तरह महुली गांव पहुचे तो वहा पर शराब कैसे और क्यु पी जाती है वह करते ही दिखला दिये.